गुजरात एंटी टेरर स्क्वॉड (ATS) ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े होने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुजरात और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक साथ चलाए गए विशेष अभियान के दौरान की गई। जांच एजेंसी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी प्रतिबंधित आतंकी संगठन के लिए गुजरात में एक सक्रिय नेटवर्क तैयार करने और उसकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे।
आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां करने तहत मामला दर्ज
ATS ने सभी आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम
गुजरात ATS द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
1.अहमद पुत्र अब्दुल्ला गाजीवाला
2. इब्राहिम पुत्र मोहम्मद हुसैन घाघा
3. मुदस्सिर पुत्र अब्दुल्ला गाजीवाला
4. ज़कारिया दुरानी पुत्र मोहम्मद अम्मार घाघा
5. मुफ्ती फौजान पुत्र इस्माइल दौवा
6. मोहम्मद अमीन शेरा
7. मोहम्मद अब्दुल पुत्र रहमान सावदी
8. बिलाल मोहम्मद पुत्र अम्मार घाघा
जांच एजेंसियों का कहना है कि सभी गिरफ्तार व्यक्तियों पर प्रतिबंधित संगठन से जुड़े होने और उसके लिए कथित रूप से काम करने का आरोप है। इन आरोपों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है।
गुजरात में नेटवर्क तैयार करने की थी कोशिश: ATS
गुजरात ATS के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी जैश-ए-मोहम्मद के लिए गुजरात में एक सक्रिय नेटवर्क तैयार करने की दिशा में काम कर रहे थे। एजेंसी का दावा है कि इनका उद्देश्य संगठन की गतिविधियों को विस्तार देना और नए लोगों को जोड़ना था।अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। हालांकि सुरक्षा कारणों से जांच से जुड़े सभी विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
कई जिलों में एक साथ हुई कार्रवाई
ATS ने गुजरात और मध्य प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर यह अभियान चलाया। जानकारी के अनुसार, गुजरात के बनासकांठा जिले के पालनपुर क्षेत्र से कई आरोपियों को हिरासत में लिया गया, जबकि एक आरोपी को मध्य प्रदेश के देवास जिले से गिरफ्तार किया गया। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने भी सहयोग किया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों का नेटवर्क किन-किन क्षेत्रों तक फैला हुआ था और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका हो सकती है।
UAPA और BNS की धाराओं में मामला दर्ज
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ UAPA की धारा 13, 17, 18, 38 और 39 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 148 और 61 भी लगाई गई हैं। इन धाराओं के तहत आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ाव, आतंकवादी संगठन को समर्थन, धन जुटाने तथा साजिश जैसे गंभीर आरोपों की जांच की जाती है। कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा और जांच एजेंसियां आवश्यकतानुसार उनकी रिमांड की मांग कर सकती हैं।
डिजिटल और वित्तीय जांच पर विशेष फोकस
ATS अब आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर रही है। इसके साथ ही बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित गतिविधियों के लिए धन कहां से आया और उसका इस्तेमाल कैसे किया गया। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस नेटवर्क से अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
जांच जारी, कई पहलुओं की हो रही पड़ताल
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच का उद्देश्य कथित नेटवर्क की संरचना, उसके संपर्कों, वित्तीय स्रोतों और संभावित योजनाओं का पता लगाना है। अधिकारियों के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले से जुड़े सभी आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
Written By: Geeta Sharma