ईरानी मीडिया के हवाले से दावा किया गया है कि पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के कथित अंतिम संस्कार को लेकर कई देशों ने दूरी बनाई या अपनी भागीदारी कम कर दी। रिपोर्टों में कहा गया है कि करीब 13 देशों ने या तो कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार किया या अपने प्रतिनिधिमंडल का स्तर घटा दिया।

अमेरिका की ओर से चलाया गया एक कूटनीतिक दबाव

तेहरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, इसके पीछे अमेरिका की ओर से चलाया गया एक कूटनीतिक दबाव अभियान जिम्मेदार बताया जा रहा है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि वॉशिंगटन ने अंतिम संस्कार से पहले विभिन्न देशों पर राजनयिक दबाव बनाया, ताकि वे इस कार्यक्रम में शामिल न हों।

कई देशों को दी गई है चेतावनी

दावा किया गया है कि इस अभियान में अमेरिकी विदेश मंत्री और कई अमेरिकी दूतावासों की भूमिका रही। तस्नीम के मुताबिक, कुछ देशों को यह चेतावनी दी गई कि अगर वे समारोह में भाग लेते हैं तो इसे अमेरिका के प्रति “अमित्रवत कदम” माना जाएगा और इसके द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ सकता है। अफ्रीका के कुछ देशों को कथित तौर पर यह भी कहा गया कि उनकी विकास सहायता प्रभावित हो सकती है।

रिपोर्ट में किया गया है ये दावा

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि अरब क्षेत्र के कुछ राजनयिकों ने स्वीकार किया कि उनसे संपर्क कर इस कार्यक्रम से दूरी बनाने का अनुरोध किया गया था। वहीं, तस्नीम का दावा है कि कई क्षेत्रों पूर्वी यूरोप, अफ्रीका, खाड़ी और पूर्वी एशिया के देशों ने इसी दबाव के चलते अपनी भागीदारी कम या रद्द की।

अमेरिका व इज़रायल के खिलाफ लगाए गए नारे

इन दावों के बीच यह भी बताया गया कि तेहरान में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और अमेरिका व इज़रायल के खिलाफ नारे लगाए। हालांकि, ये सभी बातें संबंधित मीडिया रिपोर्टों और दावों पर आधारित हैं, जिनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है।

 

 

Written By Toshi Shah