कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रही है। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना है। हालांकि, इस विरोध प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक शामिल नहीं होंगे, उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर इसकी वजह बताई है, साथ ही, उन्होंने युवाओं से शांति बनाए रखने और विभिन्न संगठनों के नेताओं से एकजुटता दिखाने की अपील की है।

हिमालय में जल सुरक्षा की तैयारियों में जुटे हैं वांगचुक

सोनम वांगचुक ने अपनी पोस्ट में बताया कि वह दिल्ली में प्रदर्शन में शामिल क्यों नहीं हो पाएंगे, उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से उनके काम में बाधाएं डालने और उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिशों के बावजूद वह देश की सुरक्षा के लिए अपना काम जारी रखेंगे। फिलहाल, वह आने वाली सर्दियों को ध्यान में रखते हुए तैयारियों में जुटे हैं।

वांगचुक के मुताबिक, वह जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कृत्रिम ग्लेशियर बनाने और ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) यानी हिमनदीय झीलों में अचानक आने वाली बाढ़ से बचाव के उपायों पर प्रयोग कर रहे हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में मौजूद 200 से अधिक संभावित खतरनाक हिमनदीय झीलों से जुड़े जोखिम को कम करना है।

फैज की पंक्तियों के जरिए दिया संदेश

अपनी पोस्ट में सोनम वांगचुक ने मशहूर शायर फैज अहमद फैज की पंक्तियों का जिक्र करते हुए लिखा, ‘और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा, राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा।’ इसके जरिए उन्होंने यह संदेश दिया कि राजनीति के अलावा भी कई महत्वपूर्ण काम हैं, जिन पर ध्यान देना जरूरी है।

उन्होंने सभी को शुभकामनाएं देते हुए अलग-अलग समूहों के नेताओं से एकजुट रहने और समझदारी के साथ काम करने की अपील की। इसके साथ ही, उन्होंने GenZ के युवाओं से हर परिस्थिति में पूरी तरह शांतिपूर्ण व्यवहार बनाए रखने का आग्रह किया। वांगचुक ने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि अहिंसा और शांति उनके लिए महत्वपूर्ण मूल्य हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि युवा इन मूल्यों का सम्मान करेंगे और बापू को निराश नहीं करेंगे।

प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस की कार्रवाई

जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली के सभी 15 पुलिस जिलों में एहतियाती कार्रवाई की गई है। सूत्रों के अनुसार, विभिन्न जिलों से आपराधिक रिकॉर्ड वाले करीब 30 से 40 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस की यह कार्रवाई प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।

 

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