मानसून अपने अंतिम चरण में समाप्ति की ओर तेजी से बड़ रहा है। इसी बीच मौसम विभाग ने नया अलर्ट जारी कर दिया है। आईएमडी के मुताबिक 30 अक्टूबर को यूपी, बिहार, दिल्ली, हिमाचल समेत 24 राज्यों में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस बारिश के दौरान 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज आंधी चलने की पूरी संभावना है। चक्रवात 'अर्नब' और पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और बारिश के चलते मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ने के आसार हैं। वहीं, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ और मौसमी गतिविधियों के कारण उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
पहाड़ों पर कहां होगी बर्फबारी?
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम बदलने की संभावना है। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश के आसार हैं। इससे पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर ठंड बढ़ सकती है और कुछ रास्तों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
दिल्ली-NCR, यूपी और हरियाणा में कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली-NCR: गरज-चमक, ओलावृष्टि और 50–60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के झोंकों की चेतावनी।
उत्तर प्रदेश: पूर्वी यूपी में भारी बारिश और पश्चिमी यूपी में गरज-चमक व ओलावृष्टि की आशंका।
हरियाणा और पंजाब: तेज हवाओं, बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि का खतरा।
राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में आंधी और ओलावृष्टि की संभावना।
बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 अक्टूबर को उत्तरी बिहार में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश की संभावना है। झारखंड और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी बारिश को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
चक्रवात अर्नब के बाद फिर सक्रिय हुआ मौसम
चक्रवात अर्नब के अवशेष से दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे दक्षिण ओडिशा में बना डिप्रेशन कमजोर पड़ रहा है। इसके बावजूद पूर्वी और मध्य भारत में बारिश का असर बना हुआ है। वहीं, दक्षिण अंडमान सागर में नया निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हुआ है, जिसके आगे डिप्रेशन में बदलने की संभावना जताई गई है।
किसानों और आम लोगों के लिए IMD की सलाह
तेज हवाओं के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
खुले मैदानों में बिजली चमकने के दौरान खड़े न हों।
किसान कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें।
पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति जांच लें।
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