नई दिल्ली: इंडिया ब्लॉक के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए बुधवार 7, अक्टूबर को जंतर-मंतर की ओर बढ़े, कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लगभग 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इस लेकर विपक्षी दल ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

जंतर-मंतर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे विपक्ष

दरअसल, नई दिल्ली में मतदाता संशोधन को लेकर जारी राजनीतिक विवाद बुधवार को और तेज हो गया, जब INDIA गठबंधन के सांसद जंतर-मंतर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे हैं। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

भारत में दो प्रकार के नागरिक नहीं होने चाहिए

इस संदर्भ में कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि विपक्ष उन लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लड़ रहा है जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। रवि ने कहा, "हम भारत में लोकतंत्र के लिए लड़ रहे हैं। लगभग 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। वे दोयम दर्जे के नागरिक बन गए हैं। भारत में दो प्रकार के नागरिक नहीं होने चाहिए।

SIR के नाम पर मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर बदलाव

विपक्षी सांसदों ने पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में बैठक और सामूहिक लंच किया, जिसके बाद वे बसों के जरिए जंतर-मंतर पहुंचे। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ विपक्षी नेता शामिल हुए। विपक्ष का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इसी मुद्दे को लेकर INDIA गठबंधन लगातार चुनाव आयोग से जवाब मांग रहा है।

ये भी पढ़ें-विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी का बयान: “हर FIR मेरे लिए मेडल है”