Delhi News: मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश की राजनीति में घमासान जारी है। शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले INDIA गठबंधन के नेताओं ने संसद से विजय चौक तक मार्च निकाला। कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने कहा कि विपक्ष का मकसद सिर्फ हंगामा करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में बदलाव लाना है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्ष के प्रदर्शन को राजनीतिक ड्रामा और दिखावा करार दिया है।

हंगामा नहीं, बदलाव लाना हमारा मकसद
INDIA गठबंधन के मार्च के दौरान कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने कहा कि विपक्ष मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लगातार उठा रहा है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष ने सड़कों से लेकर संसद और प्रेस कॉन्फ्रेंस तक इस मामले को उठाया है। अब विपक्षी नेता संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के सामने अपनी बात रख रहे हैं। नायक ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विपक्ष की बात सुनी है और सबूत मांगे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष उपलब्ध साक्ष्य राष्ट्रपति के सामने रखेगा।

300 से ज्यादा सांसदों के राष्ट्रपति से मिलने का दावा
कांग्रेस सांसद वामसी कृष्ण गड्डम ने दावा किया कि विपक्ष पिछले चार दिनों से कथित अन्याय के खिलाफ विरोध जता रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। गड्डम के मुताबिक, 300 से ज्यादा सांसद राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे। उन्होंने विपक्ष को देश के 60 करोड़ मतदाताओं का प्रतिनिधि बताते हुए चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष
कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष सरकार पर दबाव बनाता रहेगा। उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शन से पहले किए गए सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल उठाए। वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में सुधार की मांग करते हुए ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी उठाई। हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं की गई है।

राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन, सबूत पेश करने की बात
समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने कहा कि विपक्ष ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपकर चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी अपनी चिंताओं से अवगत कराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। राय ने दावा किया कि राष्ट्रपति ने विपक्ष की बात ध्यान से सुनी और मामले से जुड़े सबूत जल्द पेश करने को कहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के भीतर भी कुछ मुद्दों को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

फॉर्म-6 और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी उठा मुद्दा
ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने भुवनेश्वर में फॉर्म-6 से जुड़े विवाद और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से संबंधित मामलों में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। दास ने कहा कि लोकतंत्र में मताधिकार सबसे महत्वपूर्ण है और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक विपक्ष की मांगों पर कार्रवाई नहीं होती।

BJP ने विपक्ष के आरोपों को बताया राजनीतिक ड्रामा
विपक्ष के आरोपों को BJP ने खारिज किया है। बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि विपक्ष के प्रदर्शन के पीछे उसका राजनीतिक एजेंडा है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी राहुल गांधी पर चुनावी हार की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग और ईवीएम पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को राष्ट्रपति से मिलने का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन को उन्होंने राजनीतिक नाटक करार दिया। जोशी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में BJP को जनता का समर्थन मिल रहा है। इस तरह, मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष तथा सत्तारूढ़ दल के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने CJP को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस ने इलाके में पहले कानून-व्यवस्था बिगड़ने की घटनाओं का हवाला दिया है। प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर समेत राजधानी के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है। दिल्ली-हरियाणा और दिल्ली-उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर वाहनों की जांच की जा रही है। प्रमुख स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। फिलहाल, SIR प्रक्रिया, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। विपक्ष इन मुद्दों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि BJP ने उसके आरोपों को राजनीतिक एजेंडा बताया है। 

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