नई दिल्ली: दिल्ली में कांग्रेस सांसद और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर बीजेपी महिला मोर्चा ने प्रदर्शन किया। शनिवार, 10 अक्टूबर को लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशन से कांग्रेस मुख्यालय की ओर मार्च कर रही महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया और शकरपुर थाने ले गई।

प्रदर्शनकारी महिला मोर्चा की कार्यकर्ता कांग्रेस सांसद को पार्टी से निष्कासित करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रही थीं। यह प्रदर्शन बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय सचिव और राज्यसभा सांसद संगीता यादव तथा दिल्ली बीजेपी महासचिव योगिता सिंह के नेतृत्व में किया गया। प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष सरिका जैन, महिला मोर्चा अध्यक्ष अर्चना गुप्ता और प्रभारी आरती मेहरा समेत अन्य नेता भी शामिल हुए।

कांग्रेस पर महिला मोर्चा ने लगाए आरोप

लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशन के पास बड़ी संख्या में महिला मोर्चा की कार्यकर्ता जुटीं और नारेबाजी करते हुए दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित कांग्रेस मुख्यालय की ओर बढ़ने लगीं। हालांकि, कुछ दूरी तक मार्च करने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संगीता यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने सांसद के खिलाफ लगे आरोपों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा और 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसे नारों का वास्तविक अर्थ तभी होगा, जब आरोपों के मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली बीजेपी महासचिव योगिता सिंह ने भी कांग्रेस से इस मामले में जवाब मांगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अपने सांसद को बचा रही है और कहा कि महिला मोर्चा न्याय की मांग कर रहा है, किसी समझौते की नहीं।

गिरफ्तारी और निष्कासन की मांग पर अड़ीं कार्यकर्ता

महिला मोर्चा की अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने कांग्रेस पर महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने सांसद को पार्टी से निष्कासित करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की।

वहीं, बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष सरिका जैन ने कहा कि महिला मोर्चा की कार्यकर्ता गिरफ्तारी का सामना करने के लिए तैयार हैं, लेकिन अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगी। प्रदर्शनकारियों ने मामले में कार्रवाई की मांग दोहराई।

JNU ने प्रोफेसर अकोइजम को सेवा से किया बर्खास्त

इस मामले में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने 9 अक्टूबर को जारी आधिकारिक आदेश के जरिए प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया। यह कार्रवाई यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद की गई है।

प्रदर्शन के दौरान बीजेपी महिला मोर्चा ने कांग्रेस से सांसद के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की। हालांकि, आरोपों, विश्वविद्यालय की जांच और किसी संभावित आपराधिक कार्रवाई की स्थिति को अलग-अलग समझना जरूरी है। विश्वविद्यालय से बर्खास्तगी अपने आप में किसी आपराधिक आरोप में दोषसिद्धि नहीं है।

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