दिल्ली में CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पार्टी के प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद आंदोलन की जिम्मेदारी अब अजिक्य शिंदे को सौंपी गई है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पहले से रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो संदेश में इसकी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि उनकी गैरमौजूदगी में शिंदे आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। वहीं, शिंदे ने समर्थकों से जंतर-मंतर पहुंचने और पुलिस द्वारा रोके जाने पर भी प्रदर्शन जारी रखने की अपील की है।
वीडियो संदेश में दिपके ने क्या कहा?
अभिजीत दिपके को दिल्ली पहुंचने पर पुलिस ने हिरासत में लिया। इसके बाद CJP के आधिकारिक एक्स हैंडल पर उनका पहले से रिकॉर्ड किया गया वीडियो साझा किया गया। इसमें दिपके ने कहा कि अगर लोग यह वीडियो देख रहे हैं, तो इसका मतलब है कि उन्हें, सौरव दास और आशुतोष रांका को गिरफ्तार कर लिया गया है।
दिपके ने वीडियो में अजिक्य शिंदे को आंदोलन की जिम्मेदारी सौंपते हुए समर्थकों से उनका साथ देने की अपील की। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व की गैरमौजूदगी में शिंदे ही CJP के प्रदर्शन और आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे।
अजिक्य शिंदे ने समर्थकों से क्या अपील की?
दिपके के संदेश के बाद अजिक्य शिंदे ने भी वीडियो जारी कर समर्थकों से आंदोलन में शामिल होने को कहा। उन्होंने जंतर-मंतर पहुंचने की अपील करते हुए कहा कि अगर पुलिस उन्हें रास्ते में रोकती है, तो वे उसी जगह शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें। शिंदे ने अपने संदेश में दावा किया कि सरकार उनके संगठन की एकजुटता से डर रही है। हालांकि, यह उनका राजनीतिक आरोप है। दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के पीछे पहले से अनुमति नहीं मांगे जाने और प्रक्रियागत कारणों का हवाला दिया गया था।
कौन हैं अजिक्य शिंदे?
महाराष्ट्र के अलीबाग से आने वाले अजिक्य शिंदे लंबे समय से अभिजीत दिपके के करीबी सहयोगी बताए जाते हैं। खबर के मुताबिक, वह पहले आम आदमी पार्टी की महाराष्ट्र टीम में सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर के तौर पर काम कर चुके हैं।बताया जाता है कि शिंदे की मुलाकात दिपके से साल 2016 में गोवा में हुई थी। इसके बाद उन्होंने अपनी कॉरपोरेट नौकरी छोड़कर आम आदमी पार्टी के लिए पूर्णकालिक रूप से काम करना शुरू किया। उन्होंने गोवा विधानसभा चुनाव के दौरान भी पार्टी के लिए काम किया था। चुनाव में पार्टी को सीट नहीं मिली, लेकिन शिंदे संगठन से जुड़े रहे और बाद में महाराष्ट्र में पार्टी के कामकाज में सक्रिय हुए। उन्होंने राज्य के अलग-अलग जिलों का दौरा भी किया।
दिल्ली में कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया था। संगठन की मांगों में उनके इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया का विरोध शामिल है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, दिपके के अलावा CJP से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका को भी हिरासत में लिया गया। शनिवार को प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने पकड़ा और बसों से दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया।
400 से ज्यादा प्रदानकारी हिरासत में
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि राजधानी के अलग-अलग इलाकों में रात के दौरान की गई कार्रवाई में कम से कम 400 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। इसी बीच, यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में लिए जाने की बात खबर में कही गई है। दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और जंतर-मंतर के आसपास पुलिस की कार्रवाई जारी रही।