Delhi News: दिल्ली में वोटों की चोरी के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पहुंचने से रोका जा रहा है और राजधानी को एक किले में तब्दील कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि लोगों की आवाज उठाने से उन्हें रोका नहीं जा सकता।
राहुल गांधी ने कहा, “दिल्ली में कई दिनों से वोटों की चोरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा है। सवाल यह है कि दिल्ली को जेल में क्यों बदल दिया गया है? लोगों को शहर में आने से रोका जा रहा है, ट्रेनों और बसों में रोका जा रहा है और दिल्ली को एक किले में बदल दिया गया है।”
‘सड़कों पर 20 से 30 हजार पुलिसकर्मी तैनात हों’
राहुल गांधी ने आगे कहा कि वे चाहते हैं कि सड़कों पर 20 हजार से 30 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक बड़ी गलती कर रही है। राहुल गांधी के मुताबिक, उनका मकसद देश को यह दिखाना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “जितनी ज्यादा उनकी सुरक्षा की जाएगी, आखिरकार हम उनके नियंत्रक तक पहुंचेंगे।”
#WATCH | Delhi | Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "We want 20,000 to 30,000 police personnel deployed on the streets. The government is committing a grave mistake, because we want to show the country that Modi ji wants to ensure the security of Gyanesh Kumar... The more he is protected, the more we will ultimately reach his controller... We are receiving reports that police personnel are distressed because they are being ordered to beat up young people, while instructions are being issued to give RSS members a free hand."
— ANI (@ANI) October 12, 2026
पुलिसकर्मियों और RSS को लेकर भी कही बात
राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्हें ऐसी खबरें मिल रही हैं कि पुलिसकर्मी परेशान हैं, क्योंकि उन्हें युवाओं की पिटाई करने के आदेश दिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सदस्यों को खुली छूट देने के निर्देश दिए जा रहे हैं। हालांकि, पुलिसकर्मियों को लेकर किए गए इन दावों और RSS के सदस्यों को कथित छूट दिए जाने संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी में नहीं है।
वोटों की चोरी के आरोप पर सियासी टकराव
राहुल गांधी के बयान से साफ है कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने के बजाय सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है। उनके आरोपों के केंद्र में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, प्रदर्शनकारियों की आवाजाही और पुलिस की भूमिका है। अब इस पूरे मामले में प्रशासन और सरकार का पक्ष भी अहम होगा। सवाल सिर्फ विरोध प्रदर्शन का नहीं, बल्कि उन आरोपों का भी है जिनके जरिए विपक्ष चुनावी व्यवस्था और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर सरकार को घेर रहा है।