देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सीमा पार बैठे आंतकियों पर गरजते दिखाई दिए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सशस्त्र बलों को पर खतरा पैदा करने वाले आतंकी आकाओं को खरी-खरी सुनाई है। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय सेना को दुश्मन के इलाके में घुसकर हमला करने की आजादी है। शांति को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि, देश भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए अगर कोई देश अपने मनसूबे बनाता है। तो भारत बातचीत से नहीं बल्कि रक्षाबल से मुंह तोड़ जवाब देगा। क्योंकि भारत शांति व्यवस्था को बनाए रखने पर विश्वास करता है। और युद्ध या किसी अन्य क्षेत्र में कब्जा नहीं करना चाहता, लेकिन अगर भारत को डराने की कोशिश या शांति बिगाड़ने का प्रयास किया तो युद्ध का सामना करना पड़ेगा।
नापाक हरकतों की साजिश को किया नाकाम
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत सुरक्षा पर बात करते हुए कहा कि, पूर्व में भारत की सुरक्षा को कमजोर करने का प्रयास किया गया था। जम्मू-कश्मीर में युवाओं को भड़काने का काम किया गया। लेकिन भारत-विरोधीा गतिविधियों के लिए फंडिंग करने से लेकर आतंकवाद फैलाने और समाज को बांटने का काम करने वाले सतर्क हो जाएं। रक्षा मंत्री ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने पुनर्वास, कट्टरपंथी विरोधी नितियों से दूर रहने पर जोर दिया। इसके साथ ही उनकी सरकार ने रोजगार के अवसर देकर इन नापाक हरकतों की साजिश को नाकाम कर दिया। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि, पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने में सफलता हासिल की। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में प्रगति देखने को मिली।
सिंधु जल संधि को रोका तो...
भारत में आतंकवादी विरोधी रणनिति के तहत रक्षा मंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक, बाल कोट एयरस्ट्राइक, और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि, इस नापाक मंसूबों की साजिश रचने वालों को देश की सेना ने आतंकियों के आकाओं को सीधे अपने निशाने पर लिया था। उन्होंने कहा कि सिंधु जल संधि को रोकने से यह साफ हो चुका है कि खून और पानी एक साथ बहते नहीं दिखाई देंगे।
अब भारत अंतरिक्ष और साइबरस्पेस के तौर पर भी रक्षा के लिए उभरा
क्योंकि भारत ने अपने युद्ध का स्वरूप बदल दिया है। जमीनी स्तर से लेकर अब आसमान से भी नजर रखी जा रही है, तो समुद्र की लहरों में गोता खाते हुए भी पानी के अंदर आतंकियों की हर हलचल की खाक छानी जा रही है। इसके साथ ही रक्षा मंत्री ने कहा कि अब भारत अंतरिक्ष और साइबरस्पेस के तौर पर भी उभरकर सामने आ रहा है। ड्रोन, ऑटोनॉमस सिस्टम,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अचूक निशाना दागने वाले हथियार जैसी तकनीकें युद्ध के मैदान में परिवर्तन ला दिया है। सरकार का लक्ष्य भारत को एक ऐसा देश बनाना है जो आधुनिक तकनीक के साथ खुद को विकसित करें।
साल 2029 तक इसका लक्ष्य होगा 50,000 करोड़
रक्षा मंत्री ने भारत की सुरक्षा में तैनात किए जाने वाले रक्षा उत्पादन की क्षमता को 2014 से पहले के लगभग 40,000 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 1.80 लाख करोड़ रुपए करने की बात कही। इतना ही नहीं इनका निर्यात 56 गुना बढ़कर 38,000 करोड़ रुपए से ज्यादा कर दिया गया है। साल 2029 तक इसका लक्ष्य 50,000 करोड़ रुपए का निर्यात करने पर रखा गया है। आकाश मिसाइल, पिनाका, अस्त्र,आकाशतीर, प्रचंड और तेजस फाइटर जेट, ध्रुव हेलीकॉप्टर,अर्जुन टैंक के साथ-साथ आईएनएस विक्रांत जैसे स्वदेशी सिस्टम इस प्रगति का हिस्सा हैं। 16 रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम इस समय मुनाफा कमा रहे हैं, पिछले 12 वर्षों में रक्षा बजट 2.5 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 8 लाख करोड़ हो गया है।
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