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महाराष्ट्र में MPSC पेपर लीक! 488 उम्मीदवारों की भर्ती अटकी; आयोग ने कहा-सबूत नहीं मिले
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के बाद भर्ती प्रक्रिया पर रोक लग गई है। जानिए आयोग ने क्या सफाई दी और जांच में अब तक क्या सामने आया।
MPSC Paper Leak: महाराष्ट्र में प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर राज्य का राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल गरमा गया है। एक तरफ जहां महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की औषधि निरीक्षक (ड्रग इंस्पेक्टर) भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के आरोप लगने के बाद भर्ती प्रक्रिया रोक दी गई है, वहीं दूसरी तरफ कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET 2026) में भी बड़े पैमाने पर अंक घोटाले के दावे सामने आए हैं।
488 उम्मीदवारों की किस्मत अटकी
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) विधायक रोहित पवार ने आरोप लगाया है कि MPSC द्वारा आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हुआ था। इन आरोपों के बाद आयोग ने भर्ती प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित कर दिया है, जिससे प्रोविजनल मेरिट लिस्ट में शामिल 488 अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है।
मामले की पूरी क्रोनोलॉजी
22 मार्च: लगभग 31,000 अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा आयोजित की गई।
12 जून: परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए।
1 से 12 जुलाई: सफल उम्मीदवारों के साक्षात्कार (Interview) पूरे हुए और अनंतिम मेधा सूची (Provisional Merit List) जारी की गई।
21 व 23 जुलाई: आयोग को ईमेल के जरिए अनियमितताओं की शिकायतें मिलीं। 23 जुलाई को मिले ईमेल में व्हाट्सएप चैट के कुछ स्क्रीनशॉट संलग्न थे, जिनमें दावा किया गया था कि 22 मार्च का प्रश्नपत्र 20 मार्च को ही वायरल हो चुका था।
सबूत नहीं मिले, FIR की तैयारी
MPSC के अध्यक्ष विवेक भीमनवार ने स्पष्ट किया है कि आयोग को अब तक पेपर लीक होने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ताओं को साक्ष्य प्रस्तुत करने और कार्यालय आकर पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था, लेकिन कोई उपस्थित नहीं हुआ। आयोग की साख और गरिमा बनाए रखने के लिए हम पुलिस में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की प्रक्रिया में हैं। पुलिस जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
12वीं में 35% अंक और सीईटी में 100 पर्सेंटाइल?
MPSC के अलावा महाराष्ट्र सीईटी (CET 2026) परीक्षा को लेकर भी विपक्षी दलों ने सरकार और परीक्षा एजेंसियों को घेरा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन सावंत ने मेरिट लिस्ट में भारी गड़बड़ी का पर्दाफाश करने का दावा किया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि 12वीं बोर्ड परीक्षा में बमुश्किल 35% से 40% अंक हासिल करने वाले कई छात्रों ने सीईटी परीक्षा में अचानक 90 से 100 पर्सेंटाइल रैंक हासिल कर ली है।
क्यों महत्वपूर्ण है CET? सीईटी राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा है, जिसके अंकों के आधार पर इंजीनियरिंग, मेडिकल, फार्मेसी, मैनेजमेंट और लॉ जैसे पेशेवर स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिला मिलता है।
युवाओं में बढ़ता असंतोष
पेपर लीक और अंक घोटाले के इन आरोपों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों परीक्षार्थियों में भारी निराशा और चिंता का माहौल है। जहां विपक्षी दल इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं आयोग पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार कर रहा है।
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Written By Shailesh Yadav
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