नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के एक बयान पर मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। नए शिक्षा मंत्री के चयन को लेकर प्रियंका गांधी द्वारा की गई टिप्पणी पर सत्तापक्ष के सांसदों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बयान को 'चरित्र हनन' करार देते हुए इसे सदन की कार्यवाही से हटाने और प्रियंका गांधी से माफी मांगने की मांग की।
किस बयान पर मचा हंगामा?
सदन में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को घेरते हुए प्रियंका गांधी ने नए शिक्षा मंत्री के चयन पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने नए शिक्षा मंत्री के तौर पर एक ऐसे व्यक्ति को चुना है, जिसने एक गर्भवती रेप पीड़िता के दोषियों की रिहाई पर सहमति व्यक्त की थी। प्रियंका गांधी के इस बयान के सामने आते ही ट्रेजरी बेंच (सत्तापक्ष) के सांसदों ने खड़े होकर नारेबाजी और विरोध शुरू कर दिया।
स्पीकर की नसीहत और रिजिजू का पलटावार
स्पीकर ने प्रियंका गांधी को टोकते हुए नसीहत दी कि बिना तथ्यों और प्रमाणिकता (Authentication) के सदन में ऐसे गंभीर बयान न दें। रिजिजू ने आपत्ति जताते हुए कहा, "प्रियंका गांधी ने नए शिक्षा मंत्री पर जो टिप्पणी की है, वह पूरी तरह से चरित्र हनन (Character Assassination) है। संसद में डिबेट के स्तर को इतना नीचे नहीं गिराया जाना चाहिए। यदि वे अपने आरोपों को प्रमाणित नहीं कर सकतीं, तो उन्हें सदन से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने भी प्रियंका गांधी के इस बयान को तत्काल प्रभाव से संसद की रिकॉर्डेड कार्यवाही से हटाने (Expunge) की मांग की।
पूर्व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर घेरा
प्रियंका गांधी ने पूर्व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और उनके बाद के घटनाक्रम पर भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों युवाओं का भरोसा इस परीक्षा प्रणाली से उठ चुका है। प्रियंका ने आरोप लगाया, "शिक्षा मंत्री ने शर्मनाक परिस्थितियों में इस्तीफा दिया, लेकिन संसद में उनका स्वागत ऐसे किया गया जैसे कोई सुपरस्टार पहुंचा हो। जब उन्हें मुकुट पहनाया जा रहा था, तब महाराष्ट्र का एक परिवार अपनी बेटी के सुसाइड का मातम मना रहा था। जहाँ शर्म होनी चाहिए, वहां बेशर्मी दिखाई जा रही है।" उन्होंने आरोप लगाया कि NTA बनाकर परीक्षा प्रणाली का जबरन केंद्रीकरण किया गया और शिक्षण संस्थानों में RSS के प्रचारकों को भरकर उन्हें खोखला कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा बजट, पूंजीपतियों के लोन माफ करने की राशि से भी कम है।
आरएमएल अस्पताल का जिक्र और पैलेट गन पर कड़े सवाल
अपने भाषण के दौरान प्रियंका गांधी ने दिल्ली के आरएमएल (RML) अस्पताल का दौरा याद करते हुए घायल छात्रों और उनकी माताओं की पीड़ा का जिक्र किया। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से सीधे सवाल पूछते हुए कहा कि उस मां की इजाजत लिए बिना मैं प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से पूछना चाहती हूं? क्या जरूरत थी उन युवाओं पर आंसू गैस और लाठियां चलवाने की? लड़कियों के कपड़े फाड़ने की और बच्चियों को जलील करने की? क्या वे कोई आतंकी थे? किसने पैलेट गन चलाने का ऑर्डर दिया। प्रधानमंत्री ने या गृह मंत्री ने? सिर्फ कांग्रेस नहीं, बल्कि पूरा देश इस सवाल का जवाब मांग रहा है। प्रियंका गांधी ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोग देश के नौजवानों और उनकी आवाज से डरते हैं, इसलिए उन पर बल प्रयोग किया जा रहा है।
पीएम मोदी के वीडियो पोस्ट को लेकर प्रियंका गांधी का तंज
— TNP NEWS (@TNPNEWS1) July 29, 2026
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