नई दिल्ली : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया ब्लॉक के कई वरिष्ठ नेता और  देश भर से आए कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में मार्च निकाला। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव समेत विपक्ष के आठ बड़े नेता इस प्रदर्शन में शामिल हुए। ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ के तहत प्रदर्शनकारी सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़े और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए।

इस मार्च में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और नेहा बोरा के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित INDIA ब्लॉक के कई नेता शामिल हुए। CPI और CPM के नेताओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, कई सड़कों पर असर

विपक्ष के मार्च को देखते हुए मध्य दिल्ली में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और कई जगह बैरिकेडिंग की गई। बाराखंबा रोड और मंडी हाउस समेत मध्य दिल्ली के प्रमुख इलाकों में प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय ध्वज और पोस्टर लेकर नारेबाजी की।

‘फॉर्म-6 और फॉर्म-7 को लेकर सवालों का जवाब कौन देगा?’

कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि फॉर्म-6 को किसने अधिकृत किया और फॉर्म-7 की थोक प्रिंटिंग तथा पहले से प्रिंट किए गए फॉर्म को लेकर क्या प्रक्रिया अपनाई गई। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका और जवाबदेही पर भी सवाल उठाए।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगत सिंह ने भाजपा पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने और मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग से जुड़े फैसलों और फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर उठे सवालों पर जवाब मिलना चाहिए।

अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम करता हुआ दिखाई दे रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद मतदाता सूची में कथित दोहरे वोटों का मुद्दा उठाया।

अखिलेश यादव ने सवाल किया कि जब इतने बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया और करोड़ों रुपये खर्च किए गए, तो मतदाता सूची की खामियां दूर क्यों नहीं हुईं। उन्होंने चुनाव आयोग से निष्पक्षता बनाए रखने की उम्मीद जताई।

CJI सूर्यकांत से मुलाकात की मांग

कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से विपक्षी नेताओं से मुलाकात करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि मुख्य न्यायाधीश विपक्ष की शिकायतें नहीं सुनेंगे, तो जनता की समस्याओं को कौन सुनेगा।

वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पूरी होने तक विरोध जारी रहेगा। विपक्षी नेताओं ने SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े मुद्दों को अदालत के सामने रखने और कार्रवाई की मांग करने की बात कही है।

INDIA ब्लॉक का यह मार्च चुनाव आयोग की निष्पक्षता, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही को लेकर विपक्ष के लगातार विरोध का हिस्सा है।  

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