नई दिल्ली : पूर्व विदेश मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार को BRICS शिखर सम्मेलन से इतर हुई द्विपक्षीय बैठकों का विवरण उचित समय पर विपक्ष के साथ साझा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा उठाए गए कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर यह स्पष्टता जरूरी है कि इन पर द्विपक्षीय वार्ताओं के दौरान चर्चा हुई या नहीं।

BRICS के भीतर हुई चर्चाओं की जानकारी विपक्ष को दें

BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान हुई द्विपक्षीय बैठकों को लेकर खुर्शीद ने कहा कि BRICS के भीतर हुई चर्चाओं की जानकारी सभी के सामने है और उन्हें दुनिया तथा देश के सामने स्पष्ट रूप से रखा गया है। हालांकि, शिखर सम्मेलन से इतर हुई द्विपक्षीय वार्ताओं की पूरी जानकारी हमेशा सार्वजनिक नहीं की जाती और न ही उनका व्यापक विवरण सामने आता है। कई बार केवल संकेत दिए जाते हैं, लेकिन पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं हो पाती।

उन्होंने कहा कि विपक्ष यह जानना चाहता है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पी. चिदंबरम और जयराम रमेश द्वारा उठाए गए मुद्दों पर द्विपक्षीय बैठकों में चर्चा हुई या नहीं।

कांग्रेस ने एक बार फिर उन चार प्रमुख मुद्दों को उठाया

खुर्शीद ने कहा, “हमारी पार्टी के पी. चिदंबरम और जयराम रमेश जैसे प्रतिनिधियों ने एक बार फिर उन चार प्रमुख मुद्दों को उठाया है, जिन्हें हम लंबे समय से उठाते आ रहे हैं। इन मुद्दों पर हमें सरकार से न तो संसद के भीतर और न ही बाहर कोई जवाब मिला है।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब यह जानना चाहती है कि इन मुद्दों पर चर्चा हुई या नहीं। अगर इन पर चर्चा होनी है, तो उसका दायरा और समय क्या होगा, यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार के लिए उचित होगा कि वह द्विपक्षीय वार्ताओं में हुई चर्चाओं और प्राप्त प्रतिक्रियाओं के बारे में विपक्ष को जानकारी दे।

उन्होंने कहा, “सरकार को सही समय पर विपक्ष के साथ पूरी जानकारी साझा करनी चाहिए और यह बताना चाहिए कि क्या कार्रवाई की गई तथा क्या प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुईं।”

मतभेदों का समाधान एक बैठक में नहीं हो सकता

खुर्शीद ने आगे कहा कि देशों के बीच मतभेदों का समाधान किसी एक बैठक में नहीं हो सकता और इसके लिए आगे भी बातचीत की आवश्यकता होगी।

उन्होंने कहा कि सभी मतभेद एक ही बैठक में दूर नहीं किए जा सकते। समय के साथ ही पता चलेगा कि कौन-सी आशंकाएं अभी बनी हुई हैं और किन मुद्दों पर आगे चर्चा एवं स्पष्टीकरण की जरूरत है।

दो दिवसीय BRICS शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया गया। इसमें 11 सदस्यीय BRICS समूह के नेताओं के साथ-साथ साझेदार देशों के नेताओं ने भी हिस्सा लिया।

BRICS में मोदी ने राष्ट्राध्यक्षों के साथ 15 द्विपक्षीय बैठकें कीं

BRICS शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कूटनीतिक कार्यक्रम काफी व्यस्त रहा। पिछले तीन दिनों में उन्होंने विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों के साथ 15 द्विपक्षीय बैठकें कीं। इसके अलावा कई विश्व नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रमुखों के साथ अनौपचारिक मुलाकातें भी हुईं।

प्रधानमंत्री मोदी की प्रमुख बैठकों में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ हुई वार्ताएं शामिल थीं। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय संघर्षों, बहुपक्षीय सहयोग, सीमा पर शांति, समुद्री सुरक्षा और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।