ECI Special Drive: विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के बाद मतदाता सूची से छूटे योग्य लोगों को फिर से जोड़ने के लिए चुनाव आयोग ने Special Drive शुरू करने का निर्देश दिया है। जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR पूरा हो चुका है, वहां यह अभियान चलाया जाएगा। इसका मकसद उन योग्य मतदाताओं की पहचान करना है, जो किसी वजह से मौजूदा वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाए हैं।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने चुनाव आयोग के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि हर वोट की आवाज सुनी जानी चाहिए और यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।

पुराने और नए वोटरों की होगी पहचान

ECI के निर्देश के मुताबिक बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO पहले SIR से पहले की मतदाता सूची और मौजूदा सूची का मिलान करेंगे। इस दौरान उन लोगों की सूची तैयार की जाएगी, जिनके नाम पहले वोटर लिस्ट में थे, लेकिन अब मौजूदा सूची में नहीं हैं।इसके बाद BLO घर-घर जाकर ऐसे मतदाताओं की मौजूदा स्थिति की जानकारी लेंगे। अगर व्यक्ति योग्य पाया जाता है तो उसका नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए Form 6 भरने में मदद की जाएगी। इस अभियान में पहली बार वोट देने वाले युवाओं और अन्य नए योग्य मतदाताओं को भी शामिल किया जाएगा।आयोग ने BLO को हर सप्ताह करीब 20 से 25 मतदाताओं तक पहुंचने और करीब एक महीने में इस प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य दिया है।

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी मिलेगी जानकारी

BLO की ओर से तैयार की गई सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के Booth Level Agents यानी BLAs के साथ भी साझा किया जाएगा। इसके साथ ही Form 6 और फील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट संबंधित Electoral Registration Officers यानी EROs को भेजी जाएगी।ERO कानून के तहत इन आवेदनों पर आगे की कार्रवाई करेंगे। प्रक्रिया पूरी होने के बाद बूथवार जानकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा की जाएगी, ताकि योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ने में मदद मिल सके।चुनाव आयोग ने बूथ स्तर पर कैंप लगाने के भी निर्देश दिए हैं। इनमें नाइट शेल्टर, मजदूर बस्तियों, बेघर लोगों और दूसरे वंचित वर्गों के लिए विशेष कैंप भी आयोजित किए जा सकते हैं।

शिवकुमार ने कांग्रेस नेताओं से सतर्क रहने को कहा

डीके शिवकुमार ने कांग्रेस के विधायकों, जनप्रतिनिधियों और पार्टी नेताओं से अपने-अपने क्षेत्रों में इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने को कहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र का आधार है और अगर किसी योग्य मतदाता का नाम छूटा हुआ मिलता है तो संबंधित अधिकारियों के सामने मामला उठाया जाना चाहिए।कर्नाटक में SIR के दौरान Form 7 को लेकर पहले से विवाद चल रहा है। Form 7 का इस्तेमाल किसी मतदाता का नाम हटाने के लिए आवेदन करने में किया जाता है, जैसे मतदाता की मृत्यु, स्थायी रूप से दूसरी जगह चले जाने, डुप्लीकेट नाम या मतदाता के अयोग्य होने की स्थिति में।

मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश

शिवकुमार ने आरोप लगाया है कि Form 7 के जरिए योग्य मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश हुई। ये उनके और कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोप हैं। इस मामले को लेकर कर्नाटक में चुनाव अधिकारियों से कार्रवाई की मांग भी की गई है।चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता पंजीकरण एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। यानी अगर किसी योग्य व्यक्ति का नाम अभी तक वोटर लिस्ट में नहीं है या किसी वजह से नाम हट गया है, तो वह तय प्रक्रिया के तहत किसी भी समय नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है।SEO Title: SIR के बाद छूटे वोटरों को जोड़ने के लिए ECI का Special Drive, DK Shivakumar ने किया स्वागत