Indira Gandhi International Airport: एयरपोर्ट पर दौड़ेगी ट्रेन! क्या आप भी यह सुनकर हो गए हैं हैरान? लेकिन यह खबर बिलकुल सही है, जी हां जल्द ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अब ट्रेन संचालित करने का खाका तैयार कर लिया गया है। अभी भी आपके जहन में सवाल होगा कि एयरपोर्ट पर अगर ट्रेन चलेती तो फिर हवाई जहाज कहां से उड़ान भरेंगे। तो हम बता दें कि यह कोई आम ट्रेन नहीं बल्कि दिल्ली एयरपोर्ट संचालन एजेंसी डायल ने अपने नए मास्टर प्लान के अंतर्गत एयरपोर्ट पर ऑटोमेटेड पीपल मूवर चलाने की योजना की है। यह कोई आम ट्रेन नहीं है। बल्कि इस ट्रेन को एयर ट्रेन का नाम दिया गया है।

30 महीने में पूरी होगी परियोजना

तकरीबन 3500 करोड़ की लागत इस प्रोजेक्‍ट पर कुल खर्चा के लिए तय किया गया है। 7.3 किलोमीटर एयर ट्रेन की कुल लंबाई रखी गई है। समय पर इसका काम शुरू और खत्म होता है तो इसके पूरा होने के लिए 30 महीने का समय निर्धारित किया गया है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर जो स्पेशल एयर ट्रेन संचालित होगी उसके जरिए टर्मिनल-1 से टर्मिनल-3 तक एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन से और कार्गों जोन में यात्रियों के लिए आना-जाना काफी आसान हो जाएगा।

सीधे तौर पर समझा जाए तो 12 से 13 मिनट में पैसेंजर्स एक स्थान से दूसरे स्थान पहुंच जाएगा। एयर ट्रेन का निर्माण कार्य अगले साथ के आगाज के साथ शुरु हो जाएगा। साल 2030 तक इसे तैयार कर लिया जाएगा। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के CEO प्रदीप पाणिकर ने APM का डिजाइन तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। इस परियोजना के लिए बेहतरीन कंसलटेंट नियुक्त किया गया है। जो डिजाइन को अंतिम रूप देंगे। काम शुरू होने के बाद परियोजना को पूरा होने में करीब 30 महीने का अनुमान है।

10 मिनट के अंतराल पर आएगी ट्रेन

मास्टर प्लान के अंतर्गत इसकी लंबाई 7.3 किलोमीटर तय की गई है। जिसके 5.3 किलोमीटर के हिस्से में एलिवेटेड और बाकी के 2 किमी का हिस्से जमीन पर होगा। इसके लिए 6 स्टेशन निर्धारित किए गए हैं। हर 10 मिनट के गेप पर ट्रेन उपलब्ध होगी। यात्रियों को 1 कोने से दूसरे कोने तक जाने के लिए 13 मिनट का समय लगेगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर शुरुआत के 1 वर्ष में 55,000 यात्रियों के इस्तेमाल होने की आशंका लगाई गई है। जो आगे चलकर 85,000 यात्रियों तक पहुंचेगी।

APM एयरोसिटी में मौजूदा एयरपोर्ट मेट्रो नेटवर्क से निर्बाध कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। इस APM ट्रेन के स्टेशन मेट्रो स्टेशन के पास बनाए गए हैं। लेकिन दोनों के बीच सीधे प्लेटफॉर्म-टू-प्लेटफॉर्म कनेक्शन की योजना इसमें शामिल नहीं है। मतलब इंटरचेंज बनाने की प्लॉनिंग नहीं है। एयरोसिटी को निर्माणाधीन गोल्डन लाइन और प्रस्तावित सराय काले खां-अलवर RRTS से जोड़ने की योजना है।

एक हवाई अड्डे की क्षमता करीब 12.1 करोड़ यात्रियों की होगी


DIAL के 2036 के मास्टर प्लान पर एक नजर डाली जाए तो नोएडा जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से इसपर प्रभाव देखा गया है। सालाना यात्रियों की संख्या IGI एयरपोर्ट पर करीब 12.9 करोड़ तक पहुंच गई है। दिल्ली-NCR में इस समय तीन प्रमुख हवाई अड्डे हैं। जिनकी संयुक्त यात्री क्षमता 2036 तक सालाना 16 करोड़ पहुंच जाएगी। IGI पर यात्रियों का दबाब के आंकड़ों की गणना के हिसाब से साल 2030 तक 10.7 करोड़ तक पहुंच जाएगा।

एक हवाई अड्डे की क्षमता करीब 12.1 करोड़ यात्रियों की होगी। टर्मिनल-3 पर घरेलू यात्रियों के लिए यात्री मांग को देखते हुए नया पियर-ई बनाने की योजना है। इसके अलावा चेक-इन काउंटर बढ़ाए जाएंगे। आगमन क्षेत्र में बैगेज रिक्लेम बेल्ट का विस्तार होगा। T3 के प्रस्थान और आगमन फोरकोर्ट को चौड़ा किया जाएगा। प्रस्थान के लिए ड्रॉप-ऑफ लेन 3 से बढ़ाकर 5 और आगमन की पिक-अप लेन 4 से बढ़ाकर 6 की जाएंगी।

बन रही सुरंग

एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन से टर्मिनल-2 को जोड़ने के लिए पैदल सुरंग बनाई जा रही है। जो समय पर पूरी हो जाएगी। साल 2036 तक एयरपोर्ट पर कार्गो ट्रैफिक बढ़कर सालाना 17 लाख टन पहुंचने की संभावना है। मौजूदा कार्गो क्षेत्र की क्षमता करीब 18 लाख टन सालाना है और भविष्य की मांग को देखते हुए इसके विस्तार की भी योजना बनाई गई है।


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