Bollywood News: भारतीय सिनेमा के सबसे बोल्ड और प्रभावशाली फिल्ममेकर अनुराग कश्यप का आज यानी 10 सितंबर को जन्मदिन है। आज अनुराग कश्यप 54 वर्ष के हो गए हैं। अनुराग कश्यप दमदार निर्देशक के साथ-साथ लेखक, निर्माता और अच्छे अभिनेता भी हैं। अपनी अदाकारी और टफ लुक के साथ-साथ अनुराग ने अपनी बेहतरीन फिल्मों के जरिए अपने फैंस को दीवाना बना लिया है। अनुराग कश्यप का नाम आज न केवल बेहतरीन फिल्म निर्माताओं में लिया जाता है। बल्कि वह अपनी लग्जरी लाइफ को लेकर भी काफी ज्यादा सुर्खियों में रहते हैं।
एक बेहतरीन अभिनेता भी हैं
अनुराग कश्यप की संपत्ति अरबों में है। लेकिन अनुराग शुरुआत से ही अरबपति नहीं थे। एक सयम अनुराग कश्यप के जीवन में ऐसा रहा कि जब उन्होंने अपनी राते सड़क पर सोकर गुजारनी पड़ती थीं। अनुराग ने सफल होने के लिए कड़ा संघर्ष किया, जिसके बाद वह एक शानदार फिल्ममेकर और अरब पतियों में शामिल हुए। अनुराग कश्यप केवल फिल्म मेकर ही नहीं बल्कि वह अपने अभिनय के दम पर बॉलीवुड में जलवा बिखेर चुके हैं।

गोरखपुर में हुआ था अनुराग कश्यप का जन्म
फिल्मों से अलग कई बार अनुराग कश्यप अपनी बयानबाजी के कारण भी सुर्खियों का हिस्सा बने रहे। तंगहाली से जूझ रहे अनुराग कश्यप ने अपनी फिल्ममेकिंग की समझ से खुद की किस्मत को बदला। अनुराग कश्यप का जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 10 सितंबर 1972 को हुआ था। उनके पिता चाहते थे कि बेटा आगे बढ़े और पढ़े लिखे। पिता ने कर्जा लेकर उन्हें ग्वालियर के बोर्डिंग स्कूल पढ़ने भेजा था। इसे लेकर खुद अनुराग कश्यप ने भी कहा कि अगर उनके पिता उन्हें ग्वालियर नहीं भेजते तो वह वाराणसी में ही कुछ काम कर रहे होते।

कॉलेज के वक्त एक्टिंग में आया इंटरेस्ट
पढ़ाई के समय अनुराग कश्यप ने वैज्ञानिक बनने का सपना देखा था। पढ़ाई के दौरान फिल्म समारोह में उन्होंने मशहूर इटालियन फिल्म बाइसिकल थीव्स देखी। जिसके बाद अनुराग कश्यप ने वैज्ञानिक बनने के सफर को वहीं छोड़कर फिल्ममेकर बनने की ठानी। अनुराग कश्यप ने दिल्ली के हंसराज कॉलेज से अपना ग्रेजुएशन किया था। जिस समय में अनुराग कश्यप कॉलेज में थे। उस समय उन्हें एक्टिंग में दिलचस्पी होने लगी। वह नुक्कड़ नाटक से जुड़े और कई फिल्में देखीं।

मुंबई आए तो सड़कों और फुटपाथ पर सोए
साल 1993 में अनुराग कश्यप अपने साथ 5 हजार रुपये लेकर फिल्मी दुनिया में अपनी किस्मत आजमाने के लिए पहुंचे। काम की तलाश में अनुराग कश्यप को दर-दर भटकना पड़ा। मुंबई में गुजारा करना काफी मुश्किल था। अनुराग कश्यप ने शुरुआत के कई महीने कभी सड़कों पर तो कभी फुटपाथ पर सोकर रात गुजारी। इस दौरान उन्होंने कॉलेज के लड़कों के साथ भी हॉस्टल में छिपकर मुंबई में गुजारा। और एक दिन वह 6 रूपये देकर फुटपाथ पर भी सोए थे।

झाडू लगाकर बने स्क्रिप्ट राइटर
अनुराग कश्यप मुंबई में अपने संघर्ष के दिन काट रहे थे। ऐसे में एक दिन वह पृथ्वी थिएटर पहुंचे। जहां उन्हें झाडू लगाने का काम मिला। जहां उन्होंने स्क्रिप्ट लिखने की शुरुआत की। अनुराग कश्यप ने कई सीरियल्स के बगैर पैसे लिए ही एपिसोड लिख दिए। उन्हें लिखने का इतना शौक था कि वह दिन में कई पन्ने भर देते थे।
अनुराग कश्यप ने लिखी कई बेहतरीन फिल्में
सीरियल किलर ऑटो शंकर के जीवन पर बेस्ड फिल्म 'ऑटो नारायण' की कहानी अनुराग कश्यप ने लिखी थी। हंसल मेहता की फिल्म जयते की स्क्रिप्ट भी लिखी लेकिन यह दोनों फिल्में रिलीज नहीं हुई। इसके बाद अनुराग कश्यप का संघर्ष भरा दौर खत्म हुआ। अभिनेता मनोज बाजपेयी ने अनुराग के लेखन को सराहा और राम गोपाल वर्मा से सिफारिश की जिन्होंने 1998 की फिल्म 'सत्या' की अनुराग से कहानी लिखवाई। साल 1999 की फिल्म 'शूल' के डायलॉग भी उन्होंने लिखे।

कई फिल्मों का किया लेखन
फिल्म कौन जो साल 1999 में आई थी उसकी स्क्रिप्ट भी अनुराग कश्यप ने ही लिखी। साल 2010 की फिल्म 'उड़ान' और साल 2018 की फिल्म 'भावेश जोशी सुपरहीरो'की स्क्रिप्ट भी उन्होंने ही लिखी। साल 2005 में आई फिल्म 'वॉटर' के हिंदी डायलॉग भी अनुराग कश्यप ने ही लिखे।

ब्लैक फ्राइडे को 2 साल बाद सेंसर बोर्ड से मिली हरी झंडी
अनुराग कश्यप ने बतौर डायरेक्टर के रूप में अपनी शुरुआत फिल्म 'पांच' से की। लेकिन किसी कारण वश यह रिलीज नहीं हुई। जिसके बाद'ब्लैक फ्राइडे' का डायरेक्शन किया। लेकिन 1993 के बॉम्बे बम विस्फोटों के संबंधित कुछ फुटेज का इस्तेमाल होने के कारण फिल्म को सेंसर बोर्ड से हरी झंडी नहीं मिली। करीब 2 साल बाद यह फिल्म रिलीज हुई।

'गैंग्स ऑफ वासेपुर'से मिली बतौर डायरेक्टर पहचान
अनुराग कश्यप ने फिल्म'नो स्मोकिंग, मुंबई कटिंग, देव डी, गुलाल और द गर्ल इन येलो बूट्स बनाईं। देव डी और गुलाल दर्शकों ने काफी पसंद की जो हिट भी रहीं। लेकिन उन्हें असली पहचान साल 2012 की फिल्म 'गैंग्स ऑफ़ वासेपुर' से मिली थी। जिसे दर्शकों ने काफी ज्यादा पसंद की।

अरबों में है अनुराग कश्यप की दौलत
गैंग्स ऑफ़ वासेपुर के बाद अनुराग ने मनमर्जियां, चोक्ड, दोबारा, ऑलमोस्ट प्यार विद डीजे मोहब्बत, बॉम्बे टॉकीज, बॉम्बे वेलवेट, रमन राघव 2.0 और मुक्काबाज का डायरेक्शन किया। वहीं मसान, द लंचबॉक्स, क्वीन और उड़ता पंजाब जैसी फिल्मों के लिए बतौर प्रोड्यूसर भी काम किया। अनुराग कश्यप की आज अरबों की संपत्ति है। उनकी टोटल संपत्ति 850 करोड़ रुपये है। वह हर माह 6 करोड़ रुपये कमाते हैं। अनुराग कश्यप का अपना 'अनुराग कश्यप फिल्म्स' नाम के प्रोडक्शन हाउस भी है।
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