Car Display Screen Rules 2026: आजकल कारों में बड़ी टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट स्क्रीन, डिजिटल डैशबोर्ड और रियर-सीट एंटरटेनमेंट सिस्टम जैसे फीचर्स आम हो गए हैं। ये सुविधाएं सफर को आरामदायक बनाती हैं, लेकिन ड्राइविंग के दौरान इनका गलत इस्तेमाल हादसे का कारण बन सकता है। खासकर चलती कार में ड्राइवर द्वारा फिल्म, वेब सीरीज या वीडियो देखने से सड़क पर ध्यान भटक सकता है।
ड्राइविंग के दौरान वीडियो देखना खतरनाक
गाड़ी चलाते समय ड्राइवर का ध्यान सड़क, ट्रैफिक सिग्नल और आसपास के वाहनों पर होना जरूरी है। फ्रंट स्क्रीन पर वीडियो देखने से कुछ सेकंड के लिए भी नजर सड़क से हट सकती है। इससे अचानक सामने आए वाहन, पैदल यात्री या किसी बाधा पर प्रतिक्रिया देने में देरी हो सकती है।
यही वजह है कि ड्राइविंग के दौरान मोबाइल और स्क्रीन के इस्तेमाल को सड़क सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जाता है।
कट सकता है चालान
भारत में मोटर व्हीकल कानून के तहत खतरनाक या लापरवाही से ड्राइविंग और ड्राइविंग के दौरान इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के अनुचित इस्तेमाल पर कार्रवाई का प्रावधान है। कुछ परिस्थितियों में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 के तहत चालान हो सकता है। हालांकि, जुर्माने की राशि और कार्रवाई मामले तथा संबंधित राज्य के नियमों पर निर्भर कर सकती है।बार-बार नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस संबंधी कार्रवाई भी संभव हो सकती है।
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कार के सेफ्टी फीचर्स का रखें ध्यान
कई आधुनिक कारों में ड्राइविंग के दौरान फ्रंट स्क्रीन पर वीडियो प्लेबैक को रोकने के लिए सेफ्टी लॉक दिए जाते हैं। इन फीचर्स को बायपास या मॉडिफाई करना जोखिम भरा हो सकता है।
सुरक्षित ड्राइविंग के लिए अपनाएं ये तरीके
1. ड्राइविंग के दौरान फ्रंट स्क्रीन पर वीडियो या सोशल मीडिया कंटेंट न देखें।
2. नेविगेशन और म्यूजिक के लिए वॉइस कमांड या हैंड्स-फ्री फीचर्स का इस्तेमाल करें।
3. वीडियो देखना हो तो कार को सुरक्षित जगह पर पूरी तरह पार्क करने के बाद ही स्क्रीन का इस्तेमाल करें।
4. यात्रियों के लिए उपलब्ध रियर-सीट एंटरटेनमेंट सिस्टम का भी ड्राइवर का ध्यान भटकाए बिना इस्तेमाल करें।