Viral Video: अक्सर माना जाता है कि उम्र बढ़ने के साथ इंसान की दिनचर्या शांत हो जाती है। लोग जोखिम लेने से बचते हैं और घर में रहना पसंद करते हैं। लेकिन बिहार के जमुई जिले के रहने वाले 72 वर्षीय कपिलदेव रावत ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत और ऊंची पहाड़ियों में लगभग 24 हजार फीट की विशाल ऊंचाई से पैराग्लाइडिंग कर एक ऐसा कारनामा अंजाम दिया है, जिसे देखकर नौजवान भी हैरान हैं। उनके इस साहसिक कारनामे का वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है।

शुरुआती खौफ से रोमांच तक का अनोखा सफर

हिमाचल प्रदेश की वादियों में जब कपिलदेव पैराग्लाइडर के साथ पहाड़ के किनारे पर खड़े थे, तब मन में तरह-तरह के विचार आना स्वाभाविक था। उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि पहाड़ के किनारे से छलांग लगाने के शुरुआती कुछ सेकेंड बेहद डरावने थे। एक पल के लिए उन्हें लगा कि शायद सब कुछ खत्म होने वाला है और यह फैसला बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।

डर के बजाय अद्भुत रोमांच ने ले ली जगह

लेकिन जैसे ही पैराग्लाइडर हवा के संतुलन में आया और वह खुले आसमान में तैरने लगे, डर गायब हो गया और उसकी जगह अद्भुत रोमांच ने ले ली। कपिलदेव ने करीब आधे घंटे तक आसमान में रहकर पक्षियों की तरह उड़ान भरी। हजारों फीट की ऊंचाई से नीचे फैली वादियों, हरे-भरे पेड़ों और पहाड़ों का नजारा देखकर वह भावविभोर हो गए। सुरक्षित लैंडिंग करने के बाद उन्होंने इसे अपनी जिंदगी के सबसे यादगार पलों में से एक बताया।

दूसरों से मिली प्रेरणा और अटूट आत्मबल

कपिलदेव को इतनी ढलती उम्र में पैराग्लाइडिंग करने की प्रेरणा अचानक नहीं मिली। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने मीडिया में 80 साल की एक बुजुर्ग महिला और 75 साल के एक व्यक्ति द्वारा पैराग्लाइडिंग किए जाने की खबरें पढ़ी थीं। उन खबरों ने उनके मन में एक चिंगारी सुलगा दी।

उन्होंने खुद से सवाल किया कि अगर उस उम्र में अन्य लोग ऐसा साहसिक काम कर सकते हैं, तो वह क्यों नहीं? जब वह अपने परिवार के साथ हिमाचल प्रदेश घूमने गए, तो उन्होंने इस विचार को हकीकत में बदलने का फैसला कर लिया। उनका मानना है कि अगर मन में इच्छाशक्ति हो, तो उम्र कोई रुकावट नहीं बनती।

परिवार का संबल और घूमने का जुनून

पेशे से जमुई में एक होटल चलाने वाले कपिलदेव हमेशा से घुमक्कड़ी के शौकीन रहे हैं। काम की व्यस्तताओं के बीच जब भी उनका मन करता है, वह सब कुछ छोड़कर नई जगहों की यात्रा पर निकल पड़ते हैं। 72 साल की उम्र में भी उनके अंदर नए अनुभव हासिल करने का जुनून बिल्कुल कम नहीं हुआ है।

इस साहसिक यात्रा में उनके परिवार की भूमिका बेहद अहम रही। आमतौर पर इस उम्र में परिवार वाले जोखिम भरे खेलों से दूर रहने की सलाह देते हैं, लेकिन कपिलदेव के बेटों और परिवार के अन्य सदस्यों ने उन्हें हिम्मत दी और उनका आत्मविश्वास बढ़ाया। परिवार के इसी भरोसे के दम पर वह पहाड़ों की ऊंचाई से छलांग लगा सके।

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इंटरनेट पर तारीफों का तांता और एक नई मिसाल

कपिलदेव रावत का पैराग्लाइडिंग करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही छा गया। लोग उनकी जिंदादिली, हिम्मत और बुलंद हौसले की जमकर तारीफ कर रहे हैं। इंटरनेट यूजर्स का कहना है कि कपिलदेव ने साबित कर दिया है कि सपनों को पूरा करने या रोमांच का अनुभव करने की कोई उम्र नहीं होती।

उनकी यह कहानी उन सभी लोगों के लिए एक बड़ी मिसाल है जो बढ़ती उम्र के कारण अपने सपनों और पसंद को छोड़ देते हैं। कपिलदेव की यह उड़ान हमें सिखाती है कि जिंदादिली उम्र की मोहताज नहीं होती, यदि दिल में नया करने का जज्बा हो, तो 72 की उम्र में भी आसमान को छुआ जा सकता है।