Delhi: भारत में सेमीकंडक्टर सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है। राजधानी दिल्ली के यशोभूमि में आज यानी 17 सितंबर से SEMICON India 2026 की शुरुआत हो गई है। तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन में दुनिया की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियां, निवेशक, विशेषज्ञ, स्टार्टअप, शिक्षाविद और सरकारी प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इस बार कार्यक्रम की थीम ‘Silicon to Systems: Building the Ecosystem’ रखी गई है।

600 से ज्यादा कंपनियां और 40 से अधिक देशों की भागीदारी

SEMICON India 2026 में 600 से ज्यादा प्रदर्शक, 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय कंपनियां और 40 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हो रहे हैं। इसका मकसद भारत में चिप डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग, टेस्टिंग, उपकरण और रिसर्च तक एक मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करना है। भारत के लिए यह सेक्टर इसलिए भी अहम है क्योंकि आज मोबाइल फोन, कार, मेडिकल डिवाइस, सैटेलाइट, कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों में सेमीकंडक्टर चिप का इस्तेमाल होता है। यानी छोटी सी चिप आधुनिक टेक्नोलॉजी की पूरी दुनिया को चलाने में बड़ी भूमिका निभाती है।

अरबों रुपये का निवेश, भारत पर बढ़ा भरोसा

सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश भी तेजी से बढ़ रहा है। Tracxn के आंकड़ों के मुताबिक भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर में अब तक करीब 1.4 अरब डॉलर यानी लगभग 1.34 लाख करोड़ रुपये की इक्विटी फंडिंग दर्ज की गई है। इसमें करीब आधी फंडिंग 2025 के बाद आई है। सरकार ने भी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए Semicon 2.0 को मंजूरी दी है, जिसका कुल बजट 1.27 लाख करोड़ रुपये है। इसका फोकस चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग, रिसर्च और पूरे सप्लाई चेन इकोसिस्टम को मजबूत करने पर है।

Gen Z के लिए क्यों खास है ये सेक्टर?

सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री सिर्फ बड़ी कंपनियों और निवेश तक सीमित नहीं है। आने वाले समय में इस क्षेत्र में इंजीनियरिंग, चिप डिजाइन, एम्बेडेड सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा, रिसर्च, टेस्टिंग और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े करियर के मौके बढ़ सकते हैं। SEMICON India में छात्रों और युवाओं के लिए खास Workforce Development Pavilion भी रखा गया है। यहां करियर पाथवे, इंटर्नशिप, रिसर्च प्रोजेक्ट और नौकरी के अवसरों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

भारत बनना चाहता है ग्लोबल चिप हब

भारत अब सिर्फ चिप खरीदने वाला बाजार नहीं रहना चाहता, बल्कि चिप डिजाइन से लेकर निर्माण और सप्लाई चेन तक अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। SEMICON India 2026 इसी दिशा में एक बड़ा मंच है। सरकार के मुताबिक Semicon India Programme के तहत अब तक 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट मंजूर किए जा चुके हैं और इनमें से कुछ में कमर्शियल प्रोडक्शन भी शुरू हो चुका है। ऐसे में आने वाले वर्षों में भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार के नए अवसर देखने को मिल सकते हैं।

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