S Jaishankar Bhutan Visit: विदेश मंत्री एस. जयशंकर का गुरुवार को भूटान की राजधानी थिम्पू में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। भूटान के वित्त मंत्री ल्योंपो लेके डोरजी ने उनका स्वागत किया। जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भूटानी वित्त मंत्री का स्वागत के लिए आभार जताया। जयशंकर 16-17 सितंबर 2026 को भूटान की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यह दौरा भूटान के विदेश और विदेश व्यापार मंत्री ल्योंपो डीएन ढुंग्येल के निमंत्रण पर हो रहा है।
43 जर्सी गायें सौंपीं
जयशंकर ने अपनी यात्रा के दौरान भूटान के डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में भी पहल की। उन्होंने बुमथांग स्थित नेशनल कैटल ब्रीडिंग सेंटर का दौरा किया और भारत की ओर से 43 शुद्ध नस्ल की जर्सी गायें भूटान को सौंपीं। इन गायों का इस्तेमाल डेयरी कैटल ब्रीडिंग कार्यक्रम के तहत किया जाएगा। जयशंकर के मुताबिक, इस कार्यक्रम से दूध उत्पादन बढ़ाने और स्थानीय किसानों को समर्थन देने में मदद मिलेगी। रिपोर्ट के अनुसार, सेंटर का ब्रीडिंग कार्यक्रम करीब 40 हजार किसानों को लाभ पहुंचाने वाला है।
ऐतिहासिक महल का भी किया दौरा
बुमथांग दौरे के दौरान जयशंकर ने वांगदुएचोलिंग पैलेस एंड म्यूजियम का भी दौरा किया। यह ऐतिहासिक स्थल भूटान के इतिहास, कला, शिल्प और वास्तुकला से जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र है। जयशंकर ने इसे भूटान के इतिहास और आधुनिक राष्ट्र निर्माण में वहां के राजशाही की भूमिका को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण स्थल बताया।
पवित्र कुरजे ल्हाखांग में की प्रार्थना
विदेश मंत्री ने भूटान के प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों में शामिल कुरजे ल्हाखांग में भी प्रार्थना की। उन्होंने भारत और भूटान के लोगों के कल्याण तथा दोनों देशों के संबंधों की मजबूती के लिए प्रार्थना की।
भूटान के विदेश मंत्री से हुई अहम बातचीत
जयशंकर ने अपने भूटानी समकक्ष ल्योंपो डीएन ढुंग्येल से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच व्यापक सहयोग की समीक्षा की। बातचीत में विकास साझेदारी, ऊर्जा, व्यापार, कनेक्टिविटी, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों समेत कई मुद्दे शामिल रहे। बातचीत दोनों देशों के बीच मौजूद विश्वास, सद्भावना और गर्मजोशी को दर्शाती है। भारत और भूटान के बीच विकास सहयोग, ऊर्जा और लोगों के बीच संपर्क लंबे समय से द्विपक्षीय संबंधों के प्रमुख हिस्से रहे हैं। विदेश मंत्रालय के दस्तावेज भी दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय आदान-प्रदान और व्यापक सहयोग को रेखांकित करते हैं।
किंग और प्रधानमंत्री से भी मुलाकात का कार्यक्रम
विदेश मंत्रालय के अनुसार, अपनी यात्रा के दौरान जयशंकर को भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक से शाही मुलाकात करनी है। इसके अलावा वह भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे से भी मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह यात्रा भारत और भूटान के बीच नियमित उच्चस्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा के अनुरूप है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद दोस्ती और सहयोग के करीबी संबंधों को और मजबूत करना है।
भारत-भूटान रिश्तों के लिए अहम दौरा
जयशंकर की भूटान यात्रा के दौरान कूटनीतिक बैठकों के साथ-साथ कृषि, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक संबंधों से जुड़े पहलुओं पर भी जोर दिया गया है। 43 जर्सी गायों को सौंपना स्थानीय डेयरी क्षेत्र और किसानों के लिए भारत के विकास सहयोग का एक व्यावहारिक उदाहरण है। भारत और भूटान के बीच आर्थिक और विकास सहयोग भी महत्वपूर्ण है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और विकास साझेदारी द्विपक्षीय संबंधों के प्रमुख क्षेत्र हैं।