Ukraine Russia War: रूस के साथ युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की पर राजनीतिक और सैन्य दबाव बढ़ने की खबरें हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने यूक्रेन और यूरोपीय सहयोगियों को खुफिया जानकारी साझा करने और हथियारों की खरीद पर रोक लगाने की संभावना को लेकर चेतावनी दी है।
रूस के साथ लंबे समय से जारी युद्ध ने यूक्रेन के सामने सैन्य चुनौतियों के साथ राजनीतिक मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से यूक्रेन में चुनाव कराने की अपील और अमेरिकी सहायता पर उठते सवालों के बीच वोलोदिमीर जेलेंस्की की स्थिति चर्चा में है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने यूक्रेन और यूरोप के कुछ अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अगर यूक्रेन ने रूस के ऊर्जा ठिकानों पर हमले जारी रखे, तो अमेरिका खुफिया जानकारी साझा करने और यूरोपीय देशों के जरिए यूक्रेन के लिए अमेरिकी हथियार खरीदने में सहयोग रोकने पर विचार कर सकता है।
रूस ने चुनाव के लिए युद्धविराम की मांग पर क्या कहा?
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सोमवार को यूक्रेन में राष्ट्रपति चुनाव कराने के लिए दो महीने के युद्धविराम की मांग पर सवाल उठाए। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि कीव को चुनाव के लिए 60 दिनों की राहत दिए जाने की जरूरत नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब ट्रंप यूक्रेन में चुनाव कराने की बात उठा चुके हैं। यूक्रेन की ओर से चुनाव के लिए युद्ध रोकने की मांग किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं।
क्या अमेरिका यूक्रेन से दूरी बना रहा है?
यूक्रेन को अमेरिकी सैन्य और खुफिया सहायता युद्ध के दौरान अहम रही है। ऐसे में यदि अमेरिका सहायता सीमित करता है, तो इसका असर यूक्रेन की सैन्य तैयारियों और यूरोपीय सहयोगियों की रणनीति पर पड़ सकता है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, दो यूरोपीय अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप प्रशासन ने यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों को संभावित कदमों के बारे में चेताया है। इनमें खुफिया जानकारी साझा करना रोकना और यूरोपीय देशों की ओर से यूक्रेन के लिए अमेरिकी हथियार खरीदने में मदद बंद करना शामिल बताया गया है। दूसरी ओर, यूरोपीय संघ ने रूस के हथियार उद्योग से जुड़े करीब 1,600 रूसी व्यक्तियों और कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए जाने की जानकारी दी है। जेलेंस्की ने इस कदम की सराहना की है। नाटो की ओर से भी रूस की किसी कार्रवाई का जवाब देने की बात कही गई है।
जेलेंस्की की जगह कौन बन सकता है यूक्रेन का राष्ट्रपति?
जेलेंस्की के भविष्य को लेकर चर्चा के बीच यूक्रेन के कुछ प्रमुख सैन्य और राजनीतिक चेहरों के नाम संभावित विकल्पों के रूप में सामने आते रहे हैं। लेकिन अभी इनमें से किसी के राष्ट्रपति बनने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
वालेरी ज़ालुज़नी: यूक्रेन के पूर्व शीर्ष सैन्य कमांडर और ब्रिटेन में यूक्रेन के राजदूत ज़ालुज़नी को जेलेंस्की के संभावित प्रतिद्वंद्वियों में प्रमुख माना जाता है। रूस के बड़े हमले के शुरुआती दौर में कीव की रक्षा में उनकी भूमिका के कारण उन्हें लोकप्रियता मिली थी। रिपोर्ट में 8 अक्टूबर के एक सर्वे का हवाला देते हुए कहा गया है कि 64 प्रतिशत लोगों ने उन पर भरोसा जताया, जबकि 25 प्रतिशत ने भरोसा नहीं जताया। यह आंकड़ा संबंधित सर्वे के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
किरिलो बुदानोव: यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी के पूर्व प्रमुख बुदानोव भी संभावित विकल्पों में गिने जाते हैं। उन्होंने रूस के खिलाफ कई सैन्य और खुफिया अभियानों में भूमिका निभाई। रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी में उन्हें जेलेंस्की के प्रशासन का प्रमुख बनाया गया था। उनकी सैन्य पृष्ठभूमि और सुरक्षा मामलों का अनुभव उन्हें यूक्रेन की राजनीति में महत्वपूर्ण चेहरा बनाता है।
मिखाइलो फेडोरोव: फेडोरोव यूक्रेन के उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने डिजिटल सरकारी सेवाओं और प्रशासनिक सुधारों के जरिए पहचान बनाई। जेलेंस्की ने उन्हें डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मंत्री बनाया था और बाद में रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी भी सौंपी। रिपोर्ट में उनके काम का संबंध सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने, रक्षा खरीद में पारदर्शिता और पश्चिमी सहायता से जुड़े मामलों से बताया गया है।
क्या जेलेंस्की के हटने से युद्ध खत्म हो जाएगा?
जेलेंस्की के नेतृत्व पर दबाव और संभावित उत्तराधिकार की चर्चा के बीच सबसे बड़ा सवाल युद्ध के भविष्य का है। केवल राष्ट्रपति बदलने से रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष खत्म हो जाएगा, ऐसा निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता। युद्ध समाप्त होने के लिए दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक सहमति, सुरक्षा संबंधी शर्तों और क्षेत्रीय विवादों जैसे मुद्दों पर समाधान जरूरी होगा। अमेरिका और यूरोप की भूमिका भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण हो सकती है।
फिलहाल जेलेंस्की के सामने सैन्य मोर्चे के साथ कूटनीतिक और राजनीतिक चुनौतियां भी बनी हुई हैं। आने वाले समय में अमेरिकी सहायता को लेकर कोई औपचारिक फैसला, रूस के साथ बातचीत की दिशा और यूक्रेन में चुनाव से जुड़ी परिस्थितियां इस पूरे घटनाक्रम को प्रभावित कर सकती हैं।