US-Iran War: मिडिल ईस्ट में संकट लगातार गहराता जा रहा है। एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच लगातार टेंशन बढ़ती जा रही है। दूसरी तरफ हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच भी जंग जारी है। होर्मुज में लगातार हमले हो रहे, जिसके बाद दुनिया के कई देशों की टेंशन बढ़ती जा रही है।
बीते दिन ही कई भारतीयों को जहाज से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके अलावा ट्रंप लगातार ईरान पर हमले की धमकी दे रहे है, इसका असर अब कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखना शुरू हो गया है। अगर स्थिति ऐसी ही रहती है तो कई देशों में एनर्जी संकट गहरा सकता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गहराया भारी संकट
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। आलम यह है कि आए दिन जहाजों पर लगातार हमले हो रहे है। मालूम हो कि अमेरिका और ईरान दोनों ही होर्मुज पर अपना दावा ठोक रहे है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी सेना ने होर्मुज के प्रशासन पर नियंत्रण कर लिया है"।
इस अभियान के दौरान, कुछ घंटे पहले, नेटविट के स्वामित्व वाले एनवी सनशाइन नामक एक विशाल एलपीजी वाहक पोत पर हमला किया गया, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिण में अवैध मार्ग से पारगमन करने का प्रयास कर रहा था।"
कच्चे तेल की कीमतों में उलटफेर
डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को धमकी देने में लगे हुए है। जानकारी के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। कीमत 104 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुका है। कई महीनों से ईरान लगातार होर्मुज में घेराबंदी कर रहा है, जिसका असर देखने को मिलने लगा है। कई देशों में एनर्जी संकट गहराता जा रहा है। और अगर स्थिति ऐसी ही बनी रहती है तो मामला बिगड़ सकता है। अगर भारत की बात करें तो अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती है तो पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी हो सकती है।