किर्गिस्तान के बिश्केक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26वें SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के पहुंचे। यह शिखर सम्मेलन शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 25वीं वर्षगांठ का प्रतीक है। भारत 2017 से इसका पूर्ण सदस्य रहा है। पीएम मोदी ने शिखर सम्मेलन में शामिल दुनिया के दिग्गज नेताओं के साथ सामुहिक तस्वीर भी करवाई। इस दौरान पीएम मोदी ने समिट में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी खास बातचीत की।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति से की पीएम ने मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिश्केक में 26वें शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइज़ेशन (SCO) समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और दुनिया के अन्य नेता इस शिखर सम्मेलन में शामिल हुए। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से पीएम मोदी ने मुलाकात की।
MEA ने 26वें SCO शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की मुख्य बातें ट्वीट की हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, हमें आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करना होगा। जिसमें उसकी फंडिंग, लोगों की भर्ती और सुरक्षित ठिकाने शामिल हैं। हमें एक सुर में यह कहना होगा कि आतंकवाद के मामले में दोहरे मापदंडों की कोई जगह नहीं हो सकती। युद्ध के मैदान में कोई समाधान नहीं निकलता, सभी युद्धों और विवादों को बातचीत और कूटनीति के ज़रिए सुलझाया जाना चाहिए। पीएम ने यह भी कहा कि, भारत उन सभी प्रयासों का समर्थन करता है जो बाज़ारों को जोड़ते हैं, व्यापार को आसान बनाते हैं और विकास के नए रास्ते खोलते हैं।
अन्य नेताओं ने शिखर सम्मेलन में घोषणापत्र पर किए हस्ताक्षर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और दुनिया के अन्य नेताओं ने शिखर सम्मेलन में घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री मोदी ने SCO के तीन प्रमुख स्तंभ सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर पर जोर देते हुए क्षेत्रीय शांति, विकास और सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया।
पीएम मोदी ने SCO की मदद के 3 स्तंभ- सुरक्षा, क्नेक्टिविटी और अवसर को मजबूत करने पर ठोस नतीजों की ओर बढ़ने की बात कही। उन्होंने दूसरी बात पर कहा कि दोहरे मापदंडो के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के लिए आतंकवादी फंडिंग, भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित ठिकानों बनाकर आतंकवाद इकोसिस्टम को खत्म करें।
इसके साथ ही क्षेत्रीय संघर्षों को बढ़ावा देने के साथ वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार, स्पलाई चेन को बाधित करने के बजाय, बातचीत व कूटनीति के जरिए संघर्षों का समाधान होगा। SCO तंत्रों के बीच प्रभावी तालमेल व समय पर कार्रवाई के जरिए ड्रग तस्करी, संगठित अपराध व अन्य सुरक्षा खतरों के खिलाफ क्षेत्रीय कार्रवाई को मजबूत करें।
सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के साथ सम्मान के साथ-साथ विश्वास की कनेक्टिविटी बनाए रखनी की बात पर जोर दिया गया। कस्टम प्रक्रिया को आसान बनाकर डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन का विस्तार करके लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को कोशल कनेक्टिविटी को आधुनिक बनाएं।
पीएम ने एससीओ समिट के दौरान शी जिनपिंग से मुलाकात की। दोनों की मुलाकात विशेष भी मानी गई। क्योंकि जिनपिंग भारत में ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होंगे।
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