स्मार्टफोन की स्क्रीन को स्क्रैच, मामूली झटकों और गिरने से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए Tempered Glass लगाना आज बेहद आम है। यह स्क्रीन के ऊपर एक अतिरिक्त सुरक्षा परत की तरह काम करता है। फोन गिरने पर कई बार पहले Tempered Glass टूटता है और असली डिस्प्ले सुरक्षित बच जाती है। हालांकि, Tempered Glass के टूट जाने के बाद भी उसे लंबे समय तक फोन पर लगाए रखना सही नहीं है। दरार आने के बाद इसकी सुरक्षा क्षमता पहले जैसी नहीं रहती और कुछ परिस्थितियों में यह फोन इस्तेमाल करने में परेशानी भी पैदा कर सकता है।
टूटे हुए Tempered Glass से क्यों बचना चाहिए?
जब Tempered Glass पर दरार पड़ती है, तो वह पहले की तरह मजबूत सुरक्षा नहीं दे पाता। गिरने या किसी चीज से टकराने की स्थिति में क्षतिग्रस्त हिस्सा स्क्रीन को पर्याप्त सुरक्षा देने में असफल हो सकता है। इसके अलावा, दरार धीरे-धीरे फैल सकती है। टूटे हुए Glass के किनारे या छोटे कण स्क्रीन की सतह को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर फोन जेब, पर्स या बैग में रखा जाता है, तो इन कणों और स्क्रीन के बीच रगड़ होने से अतिरिक्त स्क्रैच पड़ने की आशंका रहती है।
स्क्रीन पर बढ़ सकता है अनावश्यक दबाव
अगर Tempered Glass किसी जगह से बुरी तरह टूट गया है या उसका किनारा स्क्रीन से अलग होकर ऊपर उठ रहा है, तो उस हिस्से पर उंगली रखने से डिस्प्ले पर असमान दबाव पड़ सकता है। रोजाना फोन चलाते समय बार-बार ऐसा होने से स्क्रीन को नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ सकती है। इतना ही नहीं, अगली बार फोन गिरने पर पहले से कमजोर या दरार वाले हिस्से में डिस्प्ले को ज्यादा नुकसान हो सकता है।
Touchscreen में भी आ सकती है परेशानी
टूटा हुआ या स्क्रीन से उठ चुका Tempered Glass फोन के Touch Response को प्रभावित कर सकता है। इसका असर खासतौर पर टाइपिंग, गेमिंग या स्क्रीन के किसी खास हिस्से को टैप करने के दौरान नजर आ सकता है। कुछ मामलों में टच कम रिस्पॉन्सिव महसूस हो सकता है, जबकि कहीं-कहीं गलत टच भी दर्ज हो सकता है। अगर Tempered Glass और डिस्प्ले के बीच धूल या छोटे कण फंस जाएं, तो समस्या और बढ़ सकती है। इसलिए Touch में अचानक परेशानी आने पर सिर्फ स्मार्टफोन के हार्डवेयर या डिस्प्ले को जिम्मेदार मानने के बजाय एक बार Tempered Glass की स्थिति भी जरूर देखनी चाहिए।
महंगी डिस्प्ले को हो सकता है नुकसान
कई यूजर्स Tempered Glass टूटने के बाद भी उसे इसलिए नहीं बदलते क्योंकि उन्हें लगता है कि वह अभी भी कुछ सुरक्षा दे रहा है, लेकिन लंबे समय तक खराब Glass इस्तेमाल करना समझदारी नहीं है। एक क्षतिग्रस्त Tempered Glass फोन की स्क्रीन को पहले जितनी सुरक्षा नहीं दे सकता। वहीं, नया Tempered Glass आमतौर पर कम कीमत में बदला जा सकता है, जबकि स्मार्टफोन की ओरिजिनल डिस्प्ले रिप्लेस कराने का खर्च काफी ज्यादा हो सकता है। इसलिए अगर Tempered Glass में बड़ी दरार आ गई है, उसका कोई हिस्सा उठ गया है या Touch में परेशानी महसूस हो रही है, तो उसे जल्द बदल देना बेहतर है। कुछ सौ रुपये बचाने के चक्कर में महंगी डिस्प्ले को जोखिम में डालना नुकसान का सौदा साबित हो सकता है।
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