बिश्केक : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच रूस-चीन संबंधों और आपसी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

रूसी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बैठक की जानकारी साझा करते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने बिश्केक में मुलाकात की।

वीजा-मुक्त व्यवस्था को स्थायी बनाने की पेशकश

रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस चीन के साथ मौजूदा वीजा-मुक्त यात्रा व्यवस्था को स्थायी बनाने के लिए काम करने को तैयार है, यदि चीन इसे संभव और उपयोगी मानता है।

पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के बीच वीजा-मुक्त यात्रा व्यवस्था से पर्यटन को बढ़ावा मिला है। उनके मुताबिक, इस व्यवस्था के लागू होने के बाद वर्ष की पहली छमाही में रूस और चीन के बीच पर्यटकों की आवाजाही में 43 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

शी जिनपिंग ने उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति से भी की मुलाकात

SCO शिखर सम्मेलन से इतर शी जिनपिंग ने उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव से भी मुलाकात की। मिर्जियोयेव ने सोशल मीडिया पर बताया कि दोनों नेताओं ने उज़्बेकिस्तान और चीन के बीच विभिन्न क्षेत्रों में बहुआयामी सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि बातचीत में दोनों देशों के बीच प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंधों को आगे ले जाने पर विचार किया गया।

किर्गिस्तान के राष्ट्रपति से भी मिले शी जिनपिंग

शी जिनपिंग ने इससे पहले किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव के साथ भी वार्ता की। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बताया कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की।

चीन और किर्गिस्तान के संबंधों में तेजी से विकास

माओ निंग के अनुसार, शी जिनपिंग ने कहा कि हाल के वर्षों में चीन और किर्गिस्तान के संबंधों में तेजी से विकास हुआ है। दोनों देशों के बीच स्थायी अच्छे पड़ोसी संबंध, मित्रता और सहयोग से संबंधित संधि पर हस्ताक्षर को दीर्घकालिक मित्रता और एक-दूसरे के प्रति पारस्परिक समर्थन के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया गया।

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