Kaushambi firecracker factory blast: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। हादसे में 11 लोगों की मौत के बाद पुलिस विभाग ने 7 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, मामले का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसके पैर में गोली लगी है। प्रयागराज रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अजय कुमार मिश्रा ने मंगलवार को बताया कि मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में इंस्पेक्टर शिवचरण राम, सब-इंस्पेक्टर विकास सिंह और विनय सिंह समेत अजीत कुमार सिंह, अभिषेक गुप्ता, मनीष पाल और अमित द्विवेदी को निलंबित किया गया है।

31 अगस्त को हुआ था भीषण धमाका
कौशांबी के पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी इलाके में 31 अगस्त को पटाखा फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हुआ था। इस दर्दनाक हादसे में 11 लोगों की जान चली गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

भागने की फिराक में था मुख्य आरोपी, पुलिस से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री का मुख्य आरोपी मंगलवार तड़के इलाके से फरार होने की योजना बना रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने उसे घेर लिया। इस दौरान हुई मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पीएम मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की सहायता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कौशांबी हादसे पर गहरा दुख जताया। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है। वहीं, घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

फैक्ट्री संचालक पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी अमित पाल शर्मा ने कहा कि फैक्ट्री संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई के भी संकेत दिए हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल पहुंचकर विस्फोट में घायल लोगों से मुलाकात की। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के बेहतर और तत्काल इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

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