Pakistan: बीते कुछ महीनों से पाकिस्तान की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। खैबर पख्तूनख्वा,बलूचिस्तान समेत कई इलाकों में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विद्रोह जारी है। वहीं अब हाल के महीनों में पाकिस्तान में यह बहस तेज हो गई है कि बड़े प्रांतों को छोटे-छोटे प्रशासनिक हिस्सों या नए प्रांतों में बांटा जाए।
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने भी नए प्रशासनिक यूनिट/प्रांत बनाने की जरूरत की बात कही थी। वहीं अब अवॉर्ड-विनिंग पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता हसन मुज्तबा ने एक बड़ा खुलासा किया है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।
क्या टूट की कगार पर पहुंचा पाकिस्तान
रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की सेना और सिंध का राजनीतिक नेतृत्व जिसकी अगुवाई राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी और उनकी पार्टी, पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) कर रही है। प्रांतीय पुनर्गठन और कराची को प्रशासनिक रूप से अलग करने के विवादित मुद्दे पर बुरी तरह बंटे हुए हैं।
यह बढ़ती दरार पाकिस्तान के टूटने का खतरनाक कारण बन सकती है। बताते चले कि अभी मुख्य रूप से पाकिस्तान में 4 प्रांत है। जिसमे - पंजाब, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान शामिल है। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में स्थिति चिंताजनक हो सकती है।
पाकिस्तानी सरकार पर मंडराया गंभीर संकट
बता दें कि बीते कई महीनों से पीओके में मुल्ला मुनीर और शहबाज सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। जिसके बाद कई तरह के सवाल उठना शुरू हो गए है। वहीं अब इस रिपोर्ट ने एक बड़ा सवाल खड़ कर दिया है।
यह कहना गलत नहीं होगा कि पाकिस्तान में स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। वहां की आवाम सरकार के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है। वहीं देश में महंगाई अपने चरम सीमा पर है।
महंगाई से मचा हाहाकार
गौरतलब है कि पाकिस्तान की जनता लगातार सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। देश में महंगाई चरम सीमा पर है। आटा, दाल, चावल जैसी रोजमर्रा जीजें आसमान छू रही है। वहीं पेट्रोल-डीजल के दामों में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है।
इसके अलावा कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी है। यह कारण ही पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। वहीं इस रिपोर्ट ने कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है। हालांकि अब देखना होगा कि रिपोर्ट में कितनी सच्चाई है।