त्रिशूली (नेपाल): नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित है। भारी बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच काठमांडू से लोग बाढ़ प्रभावित त्रिशूली क्षेत्र पहुंच रहे हैं, ताकि सड़कें टूटने से कटे हुए अपने गांवों और रिश्तेदारों का हाल जान सकें।

काठमांडू से त्रिशूली पहुंची सबीना

काठमांडू से अपने एक साल के बच्चे, दूसरे बेटे और पति के साथ त्रिशूली पहुंची सबीना सुनार ने बताया कि वह अपने गांव जाने वाले रास्ते की स्थिति देखने आई हैं। उनका गांव त्रिशूली से आगे स्थित है, लेकिन सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण अभी भी वहां पहुंचना मुश्किल है।

सबीना ने कहा, "यह देखकर दुख हो रहा है, इसलिए मैं यहां आई हूं। हमारा गांव यहीं से आगे है, मैं सड़क की स्थिति देखने आई हूं।"

उनके पति राजेंद्र सुनार ने बताया कि उन्होंने मोबाइल और टीवी पर बाढ़ की स्थिति देखने के बाद खुद हालात जानने का फैसला किया। छुट्टी के दिन वह परिवार के साथ त्रिशूली पहुंचे।

राजेंद्र ने कहा, "हम यह देखने आए हैं कि यहां क्या स्थिति है और क्या हो रहा है। मोबाइल और टीवी पर कई खबरें आ रही थीं, इसलिए आज छुट्टी थी तो हमने खुद आकर देखने का फैसला किया।"

सड़क टूटने गांव से संपर्क टूटा

उन्होंने बताया कि उनका गांव धादिंग की ओर करीब 26 किलोमीटर दूर है और सड़क टूटने के कारण संपर्क से बाहर है। गांव में बिजली नहीं होने से फोन भी काम नहीं कर रहे हैं, लेकिन सभी लोग सुरक्षित हैं।

नेपाल के त्रिशूली क्षेत्र में खराब मौसम के कारण राहत और बचाव अभियान को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा है। लगातार बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिसके चलते हेलीकॉप्टर ऑपरेशन भी प्रभावित हुए हैं।

काठमांडू-मुगलिंग सड़क चालू

अधिकारियों के अनुसार, नदी किनारे रहने वाले लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। नेपाल पुलिस के मुताबिक काठमांडू-मुगलिंग सड़क पूरी तरह चालू है, लेकिन धादिंग के बैरेनी बाजार में करीब एक किलोमीटर हिस्से पर वन-वे ट्रैफिक चल रहा है।

त्रिशूली नदी के पास करीब 500 मीटर सड़क क्षतिग्रस्त है, जिसकी मरम्मत खराब मौसम के कारण रोक दी गई है।

नेपाल पुलिस के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 616 हो गई है। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बताया कि राहत और बचाव अभियान के लिए 15,431 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।

इनमें नेपाली सेना के 6,755 जवान, नेपाल पुलिस के 4,473 कर्मी और सशस्त्र पुलिस बल नेपाल के 4,203 जवान शामिल हैं। अब तक 4,451 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है।

सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने पर ध्यान

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान धुंचे, त्रिशूली, तिमुरे और स्याफ्रुबेसी इलाकों में नेपाली सेना और निजी क्षेत्र के हेलीकॉप्टरों ने कई उड़ानें भरीं। फिलहाल बचाव दल ऊपरी त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट, रसुवागढ़ी हाइड्रोपावर स्टेशन और अन्य प्रभावित सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

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