Uttar Pradesh politics: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी नहीं चाहती कि गरीब और कमजोर वर्ग के लोग शिक्षित होकर अपने अधिकारों के लिए सवाल पूछें। अखिलेश यादव ने कहा कि जो सत्ता में बैठे लोगों के सवालों से डरता है, वह लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करता है।
शिक्षा के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि ये लोग नहीं चाहते कि कोई पढ़े-लिखे। सामंती, बहुसंख्यकवादी और ताकतवर लोग नहीं चाहते कि गरीब शिक्षित हो, क्योंकि गरीब पढ़-लिख जाएगा तो सवाल पूछेगा और इन्हें सवालों से डर लगता है।
‘सवालों से सबसे ज्यादा डरती है बीजेपी’
बीजेपी पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के लोग सवालों से सबसे ज्यादा डरते हैं। उनके मुताबिक, जो सवालों से डरता है, वह लोकतंत्र और बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर के संविधान को कमजोर करता है। उन्होंने इतिहास और पाठ्यपुस्तकों में बदलाव को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। अखिलेश ने आरोप लगाया कि इतिहास को बदला जा रहा है और पुरानी किताबों से महान व्यक्तियों से जुड़े अध्याय हटाकर RSS से जुड़े लोगों को किताबों में जगह दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे देश के इतिहास को बदलने की कोशिश की जा रही है।
‘देश में एक ही संकट है और वह बीजेपी है’
अखिलेश यादव ने बीजेपी को देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि देश में एक ही संकट है और वह भारतीय जनता पार्टी है। बीजेपी संकट है, बीजेपी हट जाएगी तो सभी संकट खत्म हो जाएंगे। उन्होंने सरकार के फैसलों पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि अब तक बीजेपी सरकार ने जो फैसले लिए हैं, क्या वे वास्तव में आम जनता के हित में रहे हैं?
इटावा और सैफई को लेकर भी सरकार पर निशाना
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर विकास और सार्वजनिक सुविधाओं की अनदेखी का आरोप भी लगाया। बता दें कि उन्होंने इटावा और सैफई का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की व्यवस्थाओं को नुकसान पहुंचाया गया। इस दौरान उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि लायन सफारी को खराब कर दिया गया और स्थानीय नेताओं पर जमीन कब्जाने के आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे पर बात नहीं करती। अखिलेश ने स्टेडियम, स्कूल-कॉलेज और सैफई के एक्वेटिक सेंटर की स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूलों और कॉलेजों को बंद किया गया और मिड-डे मील के तहत मिलने वाले गर्म भोजन की व्यवस्था भी खराब हुई है।
बुलडोजर कार्रवाई पर उठाए सवाल
अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ चल रही कार्रवाई को लेकर भी अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बुलडोजर कार्रवाई में भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन मकानों का नक्शा पास नहीं है, उन पर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन मुख्यमंत्री के किसी ऐसे मकान में चाय पीने जाने की बात सामने आए तो सवाल उठता है कि कार्रवाई का पैमाना क्या है।
महंगाई, मंडी और एक्सप्रेसवे पर भी पूछे सवाल
अखिलेश यादव ने कहा कि राजनीतिक चर्चा का केंद्र महंगाई, बेरोजगारी, किसानों और आम जनता की समस्याएं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की राजनीति समाज में नफरत, विभाजन और जातिवाद के मुद्दों के इर्द-गिर्द घूम रही है। उन्होंने कहा कि सरकार से महंगाई पर सवाल पूछा जाना चाहिए। साथ ही एक्सप्रेसवे और किसानों के लिए मंडियों के निर्माण को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा जाना चाहिए।
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