Donald Trump: अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी इसके असर दिखाई देने लगे हैं। खास तौर पर ईरान ने अमेरिकी चुनाव परिणामों को अपने पक्ष में राजनीतिक संदेश के तौर पर पेश करना शुरू कर दिया है। तेहरान का दावा है कि अमेरिकी जनता ने ट्रंप की ईरान नीति और युद्ध के खिलाफ अपना रुख जाहिर किया है।

इस घटनाक्रम ने भारत समेत दुनिया के कई देशों का ध्यान खींचा है। सवाल यह है कि अमेरिका में ट्रंप की राजनीतिक स्थिति कमजोर होने से ईरान को क्या फायदा मिल सकता है और इसका भारत की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर क्या असर पड़ सकता है?

Donald Trump के हारते ही ईरान ने चल दी नई चाल

'ईरानियन स्टूडेंट्स न्यूज एजेंसी' को दिए एक इंटरव्यू में हयात-मोघद्दम ने कहा, "हमने फिलहाल भारत, चीन, इराक और कतर को होर्मुज समुद्री मार्ग से गुजरने संबंधी पाबंदियों से छूट दी है। इन देशों के जहाज आसानी से आ-जा सकते हैं और अमेरिकी भी उन्हें नहीं रोकते हैं।"

उन्होंने बताया कि इस छूट का मकसद इन देशों के साथ ईरान के हितों को मजबूत करना है। फारसी भाषा में बात करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान भारतीय जहाजों को आने-जाने की सुविधा दे रहा है ताकि भारत से दवाओं का आयात किया जा सके।

भारत को कैसे मिल सकता है फायदा?

भारत के लिए ईरान केवल एक कूटनीतिक साझेदार नहीं, बल्कि मध्य एशिया तक पहुंचने का एक अहम रास्ता भी है। दोनों देशों के संबंधों में सुधार और क्षेत्रीय तनाव में कमी आने से भारत को कई मोर्चों पर लाभ मिल सकता है।

चाबहार पोर्ट को मिल सकती है रफ्तार - ईरान का चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। इसके जरिए भारत पाकिस्तान को बाईपास करके अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक व्यापारिक पहुंच बना सकता है। अमेरिका-ईरान संबंधों में सुधार होने पर इस परियोजना से जुड़े व्यापारिक और निवेश संबंधी जोखिम कम हो सकते हैं।

तेल और ऊर्जा व्यापार को मिल सकता है फायदा - ईरान दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल है। अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होता है तथा प्रतिबंधों में राहत मिलती है, तो भारत के लिए ईरानी तेल की खरीद के विकल्प खुल सकते हैं। इससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति के विकल्प बढ़ सकते हैं।

मध्य एशिया के साथ व्यापार को बढ़ावा - ईरान के रास्ते भारत को मध्य एशिया के बाजारों तक पहुंचने में मदद मिलती है। क्षेत्रीय स्थिरता से परिवहन, व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

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