बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को राज्य भर के निजी स्कूल प्रबंधनों से ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों को अपनाने या उनके साथ साझेदारी करने का आग्रह किय। उन्होंने कहा कि इस पहल से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने और गांवों से शहरों की ओर पलायन को कम करने में मदद मिलेगी।
शिक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं: CM शिवकुमार
इस संदर्भ में शिवकुमार ने निजी स्कूल प्रबंधन से अपील करते हुए कहा कि शिक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के सभी लोगों की साझा जिम्मेदारी है। इसके साथ ही उन्होंने निजी स्कूलों से राज्य सरकार के 'नम्मा शाले नम्मा जवाबदारी' (हमारा स्कूल, हमारी जिम्मेदारी) कार्यक्रम में भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार ने एक नई कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) नीति पेश की है और प्रारंभिक चरण में 1,000 सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
विश्व बैंक से 2,000 करोड़ रुपये का लिया ऋण
उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ही बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि पढ़ाई के लिए परिवारों को गांव छोड़कर शहरों की ओर पलायन न करना पड़े। इससे बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों पर बढ़ते ट्रैफिक और आबादी के दबाव को कम करने में भी मदद मिल सकती है। शिवकुमार ने बताया कि सरकार ने कर्नाटक पब्लिक स्कूलों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए विश्व बैंक से 2,000 करोड़ रुपये का ऋण लिया है।
1,000 सरकारी स्कूलों को निजी संस्थानों से जोड़ने का लक्ष्य
शिवकुमार ने कहा कि सरकार कुल 2,000 सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों से जोड़ने पर विचार कर रही है और 6,000 पंचायतों को तीन डिवीजनों में विभाजित किया है। प्रारंभिक लक्ष्य 1,000 सरकारी स्कूलों को निजी संस्थानों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की गुणवत्ता और शिक्षा के स्तर में सुधार करना भी जरूरी है।
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