Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति ने ईरान को तबाह करने की तारीख बता दी है, जिसके बाद कई तरह के सवाल उठना शुरू हो गए है कि क्या इस बार अमेरिका ईरान को पूरी तरह से तबाह कर देगा। ऐसा इसलिए क्योंकि यूएस लगातार जंगी जहाजों और अपने सैनिकों को मिडिल ईस्ट भेज रहा है।
जिससे शक और गहराता जा रहा है। इसी बीच अब ट्रंप के एक पोस्ट ने दुनिया के कई देशों के होश उड़ा दिए है। दूसरी तरफ हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच भी जंग जारी है, अब कई तरह के सवाल उठना शुरू हो गए है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।
अमेरिका इस दिन ईरान पर करेगा हमला!
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक्स हैंडल ट्रुथ सोशल पर लिखा, "हम इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान के साथ अच्छी बातचीत कर रहे हैं। मैं सभी को साफ़ तौर पर बताना चाहता हूँ कि भले ही ईरान की आर्थिक और सैन्य हालत बहुत खराब है और उस पर लगी नाकेबंदी पूरी तरह लागू रहेगी।
JUST IN: Present Trump post on TruthSocial that they are currently in “productive discussions with the Islamic Republic of Iran”, but also reminding that oil is flying on record levels in the military is ready to act at any time against them. https://t.co/jyEMDi1TzB
— Commentary Trump Daily Posts (@TrumpDailyPosts) October 8, 2026
और होर्मुज़ जलडमरूमध्य से रिकॉर्ड मात्रा में तेल (सिर्फ़ कल रात ही 22 मिलियन बैरल) गुज़र रहा है, जिसमें से एक भी बैरल ईरान से न तो आ रहा है और न ही वहाँ जा रहा है। फिर भी हम 3 नवंबर को अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले किसी भी समय ईरान पर हमला नहीं करेंगे। ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा"।
ईरान ने अमेरिका को दिखाई आंख
अमेरिका ईरान को तबाह करने की धमकी दे रहा है तो वहीं दूसरी तरफ ईरान आंख में आंख डालकर खड़ा है। यहां तक की ईरान ने जमीनी स्तर पर अमेरिका को ललकारा है। अब सवाल यह है कि क्या आने वाले कुछ महीनों में ईरान पूरी तरह से तबाह होने जा रहा है।
ट्रंप अपने बमवर्षक विमानों को भी वापस बुला रहा है। यह कहना गलत नहीं होगा कि अगर युद्ध ऐसी ही जारी रहता है तो आने वाले महीनों में दुनिया में कई तरह का संकट गहरा सकता है, चाहे वह आर्थिक हो या फिर ग्लोबल एनर्जी संकट हो।
युद्ध को लेकर ईरान ने भी अपनी कमर पूरी तरह से कस ली है। वहीं महिलाओं और आम लोगों को युद्ध की ट्रेनिंग दे रहा है, ताकि वह अमेरिकी सैनिकों का सामना कर सके। अब देखना होगा कि आने वाले कुछ महीनों में युद्ध किस और करवट लेता है?
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