America: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अमेरिका के अटलांटा में आयोजित G20 विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए भारत को रिप्रेसेंट कर रहे एस.जयशंकर ने इस दौरान कई देशों के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय मुलाकात की। उन्होने विश्व में ऊर्जा संकट और तेल आपूर्ति में आ रही रुकावटों के मुद्दों को लेकर G20 मंच पर आलोचना की। एस. जयशंकर ने उन्होंने कहा कि ऊर्जा व्यापार और बुनियादी ढांचे पर जानबूझकर किए जा रहे हमले सिर्फ संयोग नहीं, बल्कि कीमतों को अपने नियंत्रण में रखने की सोची-समझी रणनीति है।
यह भी पढ़ें: अंतरिक्ष में भारत की नई उड़ान! इसरो ने GSLV-F18 से NVS-03 रॉकेट किया लॉन्च, जानिए खासियत?
बैठक के दौरान एस.जयशंकर ने इन बातों पर दिया जोर
'ग्लोबल साउथ' (विकासशील देश) को नागरिक जहाजों और नाविकों पर हो रहे हमलों का सबसे ज्यादा खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। इससे ईंधन, भोजन और उर्वरकों की उपलब्धता और उनकी कीमतों पर बुरा असर पड़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय कानून, खासकर UNCLOS (समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन) के दायरे में, समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता को बनाए रखना और हमलों को पूरी तरह रोकना बहुत जरूरी है। नाविकों की सुरक्षा के लिए भारत और लाइबेरिया ने एक संयुक्त पहल शुरू की है।
बाजारों में जरूरत से ज्यादा सामान भर देना, सप्लाई चेन को हथियार की तरह इस्तेमाल करना, बाजार तक पहुंच को सीमित करना और बाजार में गड़बड़ियां पैदा करना। इन तरीकों से देशों को औद्योगीकरण के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
दुनिया अब जोखिम कम करने और विकल्पों को बढ़ाने की ओर बढ़ रही है, ऐसे में मजबूत और वैकल्पिक कनेक्टिविटी तैयार करना बहुत महत्वपूर्ण है।
रणनीतिक नफे-नुकसान के हिसाब-किताब में आतंकवाद के खतरों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यह एक बेहद खतरनाक काम है, जो अंततः इसे बढ़ावा देने वालों के लिए ही मुसीबत बन जाता है।
इन विदेशी मंत्रियों से की खास मुलाकात
एस.जयशंकर ने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच सहयोग में हो रही निरंतर प्रगति की समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने ब्राजील, अर्जेंटीना, मैक्सिको, जर्मनी और कनाडा सहित कई अन्य देशों के समकक्षों से द्विपक्षीय चर्चाएं कीं। इन बैठकों में व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों , रक्षा, परमाणु सहयोग और विभिन्न बहुपक्षीय मुद्दों पर भी बातचीत हुई।
एस. जयशंकर ने अर्जेंटीना के विदेश मंत्री पाब्लो क्विरनो के साथ व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, रक्षा और परमाणु सहयोग सहित बहुपक्षीय मामलों को लेकर बातचीत की। उन्होंने मैक्सिको के विदेश मंत्री रॉबर्टो वेलास्को अल्वारेज के साथ द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने पर जोर देने की बात कही। एस जयशंकर ने ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा और जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल से भी मुलाकात की।
यह भी पढ़ें: आज का पंचांग 31 अक्टूबर 2026: कार्तिक मास में पुनर्वसु नक्षत्र का संयोग, जानें गुरु गोचर और राहुकाल