देशभर में मानसून की विदाई के बाद अब मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। 31 अक्टूबर को देश के कई राज्यों में बारिश, तेज आंधी और गरज-चमक के साथ मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ समेत 23 राज्यों में खराब मौसम का असर देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 90 से 95 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। वहीं, पांच राज्यों में ओलावृष्टि की चेतावनी भी बताई गई है।

मौसम में इस बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ सकती है। तेज हवाओं और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के चलते भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। इसके अलावा उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान है।

बंगाल की खाड़ी में बन रही मौसमी हलचल से बदलेगा मौसम

मौसम में अचानक बदलाव की प्रमुख वजह बंगाल की खाड़ी के आसपास बन रहा चक्रवाती परिसंचरण है। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। वहीं, उत्तरी हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में भी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय होने की संभावना है।

दक्षिणी छत्तीसगढ़ के आसपास बने दबाव क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव भी मौसम को प्रभावित कर सकता है। इन मौसमी गतिविधियों के कारण उत्तर भारत से लेकर पूर्वी भारत तक बारिश और आंधी का असर दिखाई दे सकता है।

23 राज्यों में बारिश और तूफान का अलर्ट

आज 23 राज्यों में खराब मौसम की आशंका जताई गई है, उनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु, असम, त्रिपुरा और सिक्किम शामिल हैं। अलग-अलग इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी दिल्ली में आज बारिश और आंधी की संभावना है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

उत्तर प्रदेश के मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, मिर्जापुर, सोनभद्र, जौनपुर, आजमगढ़ और गोरखपुर समेत कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। यहां हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। लखनऊ में अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

बिहार और झारखंड में तेज आंधी-बारिश की आशंका

बिहार में पटना, गया, जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर, अररिया, सिवान, गोपालगंज और पश्चिमी चंपारण समेत कई जिलों में बारिश और आंधी का खतरा है। इस दौरान हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पटना में अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

झारखंड में रांची, रामगढ़, खूंटी, गुमला, लातेहार, पलामू, धनबाद, बोकारो, गिरिडीह और हजारीबाग समेत कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना है। रांची में अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

पश्चिम बंगाल में भी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

पश्चिम बंगाल के कई जिलों में 31 अक्टूबर को मौसम खराब रहने की आशंका है। कोलकाता, हावड़ा, पूर्व मेदिनीपुर, नदिया, बीरभूम, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार और कलिम्पोंग में बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

कोलकाता में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और यातायात प्रभावित होने जैसी परेशानियां पैदा हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन का खतरा

उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और बागेश्वर में बारिश और तेज हवाओं की आशंका है। हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सोलन, किन्नौर, बिलासपुर, हमीरपुर और सिरमौर में भी मौसम बिगड़ सकता है। यहां 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन और रास्ते बाधित होने का खतरा बना रह सकता है।

किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने चाहिए। तेज हवा और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचें। पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माणों के पास खड़े न हों। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। किसी भी यात्रा से पहले स्थानीय मौसम चेतावनी की जानकारी जरूर लें।