बलरामपुर: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव की आधिकारिक तारीखों का ऐलान अभी नहीं हुआ है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी बीच जनता की नब्ज टटोलने और जमीनी हकीकत जानने के लिए TNP News के खास कार्यक्रम ‘27 की सत्ता’ की टीम बलरामपुर की तुलसीपुर विधानसभा पहुंची।
तुलसीपुर में टीम ने स्थानीय लोगों, बीजेपी और समाजवादी पार्टी समेत अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं से बातचीत कर यह समझने की कोशिश की कि 2027 के चुनाव में जनता के मुद्दे क्या हैं और मौजूदा सरकार के विकास कार्यों को लेकर लोगों की क्या राय है।
विकास पर बीजेपी का दावा, विपक्ष ने उठाए सवाल
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान बीजेपी नेताओं ने क्षेत्र में सड़क, बिजली और दूसरी बुनियादी सुविधाओं में हुए विकास कार्यों को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। वहीं बीजेपी के मंडल महामंत्री अमर पाल यादव ने कहा कि सरकार के कार्यकाल में गांवों तक सड़कें पहुंची हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले तुलसीपुर पहुंचने में काफी समय लगता था, जबकि अब बेहतर सड़कों की वजह से कम समय में पहुंचा जा सकता है। उनके मुताबिक क्षेत्र में बिजली और पानी की सुविधा में भी सुधार हुआ है।
वहीं बीजेपी नेता सुनील मणि त्रिपाठी ने बिजली व्यवस्था में सुधार का दावा किया। उन्होंने कहा कि पहले तुलसीपुर में बिजली की स्थिति बेहद खराब थी और दिन-रात बिजली मिलने की समस्या रहती थी, लेकिन बीजेपी सरकार आने के बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में काफी सुधार हुआ है।
सपा बोली- 2027 में बदल जाएगा समीकरण
वहीं समाजवादी पार्टी के नेता डॉ. भानू त्रिपाठी ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि 2022 में जनता बीजेपी के वादों से प्रभावित हुई थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।
उन्होंने कहा कि 2027 में समाजवादी पार्टी तुलसीपुर सीट पर जीत दर्ज करेगी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बनेंगे। सपा नेता ने क्षेत्र में जलभराव, खराब सड़कों और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दे भी उठाए। उनका दावा है कि कई इलाकों में आज भी बारिश के दौरान कमर तक पानी भर जाता है और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है।
आजाद पार्टी भी मैदान में, बोली- वोट काटने नहीं आए
आजाद पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष अकबर अली ने कहा कि उनकी पार्टी बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने में जुटी है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी जिसे टिकट देगी, उसे जिताने के लिए पूरी ताकत लगाएगी। अकबर अली ने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव में किसी का वोट काटने के लिए नहीं उतरी है, बल्कि जीत के इरादे से मैदान में है। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य चंद्रशेखर आजाद को मुख्यमंत्री बनाना है।
जनता की राय में दिखी अलग-अलग तस्वीर
TNP News की टीम ने जब तुलसीपुर की जनता से विकास और स्थानीय समस्याओं को लेकर सवाल किया तो अलग-अलग राय सामने आई। एक युवक ने सरकार के कामकाज की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्र में कई विकास कार्य हुए हैं। सड़कों पर लाइटें लगी हैं और रोड पहले से बेहतर हुए हैं। उसने यह भी कहा कि उसके इलाके में फिलहाल कोई बड़ी समस्या नहीं है।
वहीं एक अन्य युवक ने विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि तुलसीपुर देवीपाटन का मुख्य द्वार है, लेकिन यहां से कुछ किलोमीटर आगे ग्रामीण इलाकों में आज भी हालात ठीक नहीं हैं। उसके मुताबिक कई गांवों तक बस और गाड़ी पहुंचना तक मुश्किल है और वहां विकास की तस्वीर अलग दिखाई देती है।
एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने बेहतर सड़क व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि पहले तुलसीपुर पहुंचने में करीब दो घंटे लग जाते थे, जबकि अब यह दूरी काफी कम समय में पूरी हो जाती है। बिजली आपूर्ति में सुधार का दावा भी स्थानीय लोगों की ओर से किया गया।
2022 में क्या रहा था तुलसीपुर का चुनावी समीकरण?
तुलसीपुर विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से एक है। 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के कैलाश नाथ सिंह यादव ने 87,032 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। निर्दलीय उम्मीदवार ज़ेबा रिज़वान को 51,251 वोट मिले थे और वह दूसरे स्थान पर रही थीं। वहीं समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अब्दुल मसूद खान को 42,815 वोट मिले थे, जबकि बीएसपी के इश्तियाक अहमद खान को 8,118 वोट मिले।
2022 के नतीजों को देखते हुए तुलसीपुर में बीजेपी, सपा और अन्य दलों के बीच मुकाबले की अपनी अलग राजनीतिक कहानी है। अब 2027 में विपक्षी दल बीजेपी को घेरने की रणनीति बना रहे हैं।
धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व भी रखता है तुलसीपुर
बलरामपुर का तुलसीपुर क्षेत्र सिर्फ राजनीतिक लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इसका धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व भी काफी बड़ा है। यहां स्थित देवीपाटन मंदिर प्रमुख धार्मिक केंद्रों में शामिल है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। तुलसीपुर का इतिहास प्राचीन तुलसीपुर-दांग रियासत से भी जुड़ा हुआ है। आज यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ कृषि और चीनी मिलों से जुड़ी अर्थव्यवस्था के लिए भी जाना जाता है।
2027 में किसके पक्ष में जाएगा तुलसीपुर?
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले तुलसीपुर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी जहां अपने विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच पहुंच रही है, वहीं समाजवादी पार्टी सत्ता विरोधी माहौल और स्थानीय समस्याओं को मुद्दा बनाने की तैयारी में है। आजाद पार्टी भी बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने का दावा कर रही है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि 2027 में तुलसीपुर की जनता किसके साथ खड़ी होगी? क्या बीजेपी विकास के मुद्दे पर दोबारा बाजी मारेगी या सपा सत्ता विरोधी माहौल का फायदा उठाकर बीजेपी की घेराबंदी करने में कामयाब होगी? इन तमाम सवालों का जवाब जानने के लिए TNP News के खास कार्यक्रम ‘27 की सत्ता’ की टीम पहुंची तुलसीपुर की जनता के बीच।
देखिए TNP News की खास ग्राउंड रिपोर्ट और जानिए तुलसीपुर में 2027 का ‘बड़ा खेला’ किसके पक्ष में जाता दिख रहा है।