Sitapur News: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज होने लगी है। इसी बीच TNP News के खास कार्यक्रम ‘27 की सत्ता’ की टीम सीतापुर जिले की सिधौली विधानसभा सीट पर पहुंची, जहां चुनावी माहौल और स्थानीय मुद्दों को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज होती नजर आई। सिधौली में सड़क, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और किसानों से जुड़े सवाल प्रमुख मुद्दों के तौर पर सामने आ रहे हैं। वहीं विकास कार्यों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिल रहा है।
सिधौली में BJP-SP के बीच विकास को लेकर बहस
सिधौली विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के मनीष रावत ने जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 1,06,222 वोट मिले, जबकि समाजवादी पार्टी के डॉ. हरगोविंद भार्गव को 96,506 वोट मिले थे। दोनों के बीच जीत का अंतर 9,716 वोट रहा था।
आगामी चुनाव को देखते हुए क्षेत्र में राजनीतिक दल अपने-अपने मुद्दों और विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच पहुंच रहे हैं। सपा की ओर से जहां सरकार के कामकाज और स्थानीय विकास को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं भाजपा की ओर से सरकार की योजनाओं और क्षेत्र में हुए कार्यों को सामने रखा जा रहा है।
सड़क और गड्ढों की समस्या बनी बड़ा मुद्दा
सिधौली क्षेत्र में सड़कों की स्थिति स्थानीय चर्चाओं में प्रमुखता से सामने आ रही है। लोगों की शिकायत है कि कई स्थानों पर सड़कें खराब हैं और बारिश के दौरान गड्ढों की समस्या और बढ़ जाती है। स्थानीय स्तर पर सड़क निर्माण की गुणवत्ता, मरम्मत और ग्रामीण इलाकों तक बेहतर कनेक्टिविटी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में 2027 के चुनाव में सड़क का मुद्दा कितना प्रभावी रहता है, यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी।
रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी सवाल
सड़क के अलावा रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाएं भी सिधौली के प्रमुख स्थानीय मुद्दों में शामिल हैं। क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग सामने आती रही है। लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि विकास का आकलन केवल योजनाओं की घोषणा से नहीं, बल्कि उनके जमीन पर दिखाई देने वाले असर से किया जाना चाहिए।
जातीय समीकरण भी रहेगा महत्वपूर्ण
सिधौली की राजनीति में सामाजिक समीकरण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि अलग-अलग स्रोतों में जातीय आबादी के आंकड़े अलग-अलग मिलते हैं और इन्हें आधिकारिक मतदाता जाति आंकड़े नहीं माना जा सकता। उपलब्ध चुनावी जानकारी में क्षेत्र में रावत, पासी, गौतम, यादव, ब्राह्मण, मुस्लिम, ठाकुर और अन्य सामाजिक समूहों की मौजूदगी का उल्लेख मिलता है। इसलिए चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों की रणनीति में सामाजिक समीकरणों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
2022 में BJP ने दर्ज की थी जीत
2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के मनीष रावत ने सिधौली सीट पर जीत दर्ज की थी। उन्हें 1,06,222 वोट यानी करीब 43.58 प्रतिशत वोट मिले थे। वहीं सपा के डॉ. हरगोविंद भार्गव को 96,506 वोट यानी करीब 39.60 प्रतिशत वोट मिले थे। बसपा के डॉ. पुष्पेंद्र पासी 31,530 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे। इससे पहले 2017 में बसपा के डॉ. हरगोविंद भार्गव ने जीत दर्ज की थी, जबकि 2012 में सपा के मनीष रावत विधायक बने थे। यानी पिछले चुनावों में सिधौली का राजनीतिक समीकरण बदलता रहा है।
सिधौली में किन मुद्दों पर रहेगी नजर?
2027 के चुनाव से पहले सिधौली में जिन स्थानीय मुद्दों की चर्चा हो रही है।
सड़क और गड्ढों की समस्या
सड़क निर्माण की गुणवत्ता
रोजगार के अवसर
स्वास्थ्य सुविधाएं
किसान और कृषि से जुड़े सवाल
मंडी की जरूरत
बालिकाओं की उच्च शिक्षा के बेहतर इंतजाम
ऐतिहासिक पहचान भी रखता है सिधौली
सिधौली विधानसभा क्षेत्र की पहचान सिर्फ राजनीतिक रूप से ही नहीं है। क्षेत्र में ऐतिहासिक और साहित्यिक महत्व वाले स्थान भी मौजूद हैं। गांव बाड़ी को महाकवि नरोत्तमदास की जन्मस्थली के रूप में जाना जाता है। वहीं मनवा गांव का मानधाता किला भी क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा है।
2027 में किस मुद्दे पर बनेगी सियासी कहानी?
2027 के विधानसभा चुनाव में अभी समय है और आने वाले महीनों में राजनीतिक समीकरण तथा मुद्दे बदल सकते हैं। फिलहाल सिधौली में सड़क, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और किसानों से जुड़े सवाल स्थानीय चर्चा के केंद्र में हैं। एक तरफ राजनीतिक दल अपने विकास कार्यों और उपलब्धियों को जनता के सामने रखेंगे, तो दूसरी तरफ स्थानीय लोग अपने क्षेत्र की समस्याओं और जरूरतों को लेकर सवाल उठाते नजर आ सकते हैं।
आखिर सिधौली की जमीनी हकीकत क्या है? नेताओं के विकास के दावों और जनता की उम्मीदों के बीच कितना अंतर है? 2027 के चुनाव से पहले सिधौली की जनता किन मुद्दों को सबसे ज्यादा महत्व दे रही है? इन सभी सवालों की पड़ताल के लिए देखिए TNP News का खास कार्यक्रम ‘27 की सत्ता’, जहां सिधौली की जमीनी तस्वीर और जनता की राय को समझने की कोशिश की गई है।