मेरठ : मेरठ शहर विधानसभा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण शहरी सीटों में गिनी जाती है। व्यापार, उद्योग, पुराने बाजार और तेजी से बढ़ता शहरी विस्तार इस क्षेत्र की पहचान हैं। खेल सामग्री और कैंची उद्योग के लिए प्रसिद्ध मेरठ शहर की राजनीति में विकास, नागरिक सुविधाएं और जनता की उम्मीदें हमेशा प्रमुख मुद्दे रहे हैं।

2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के रफीक अंसारी ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की थी। अब 2027 के चुनाव से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है कि पिछले पांच वर्षों में विकास के दावे जमीन पर कितने उतरे और जनता अपने जनप्रतिनिधि के कामकाज को किस नजर से देखती है।

मेरठ शहर का चुनावी इतिहास

मेरठ शहर विधानसभा का चुनावी इतिहास बदलते जनादेश की तस्वीर दिखाता है। वर्ष 2012 में भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की, लेकिन 2017 और 2022 में समाजवादी पार्टी ने लगातार दो बार इस सीट पर कब्जा जमाया।

  • 2012: भाजपा के डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने सपा के रफीक अंसारी को 6,278 वोटों से हराया।
  • 2017: सपा के रफीक अंसारी ने भाजपा के डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी को 28,769 वोटों से हराया।
  • 2022: सपा के रफीक अंसारी ने भाजपा के कमल दत्त शर्मा को 26,065 वोटों से पराजित कर लगातार दूसरी जीत दर्ज की।

जनादेश की तस्वीर

2012
विजेता- डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी (बीजेपी)
उपविजेता- रफीक अंसारी (एसपी)
जीत का अंतर- 6,278 वोट

2017
विजेता- रफीक अंसारी (एसपी)
उपविजेता- डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी (बीजेपी)
जीत का अंतर- 28,769 वोट

2022
विजेता- रफीक अंसारी (एसपी)
उपविजेता- कमल दत्त शर्मा (बीजेपी)
जीत का अंतर- 26,065 वोट

मेरठ शहर की पहचान

मेरठ शहर पूरी तरह शहरी विधानसभा क्षेत्र है। व्यापारिक गतिविधियां, औद्योगिक इकाइयां, पुराने बाजार और घनी आबादी यहां की राजनीतिक पहचान बनाते हैं।

खेल सामग्री उद्योग और पारंपरिक कारोबार ने मेरठ को देशभर में पहचान दिलाई है। वहीं बढ़ती आबादी के साथ शहर में ट्रैफिक, पार्किंग और बुनियादी सुविधाओं को लेकर लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ी हैं।

चुनावी मुद्दे

मेरठ शहर विधानसभा में चुनावी बहस का केंद्र स्थानीय समस्याएं और शहरी सुविधाएं रहती हैं।

मुख्य मुद्दे:

  • ट्रैफिक जाम और पार्किंग व्यवस्था
  • सीवर और जलनिकासी की समस्या
  • सड़क और नागरिक सुविधाओं का विस्तार
  • स्थानीय उद्योगों और रोजगार के अवसर
  • कानून व्यवस्था
  • स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार

चुनावी तस्वीर

मेरठ शहर विधानसभा का चुनाव केवल राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला नहीं है, बल्कि शहरी विकास, व्यापारिक हितों और जनता की रोजमर्रा की समस्याओं की परीक्षा भी है।

बदलते जनादेश और बढ़ती अपेक्षाओं के बीच 2027 का चुनाव यह तय करेगा कि जनता विकास के दावों और स्थानीय मुद्दों को किस नजर से देखती है।

यह भी पढ़ें: विधानसभा चुनाव 2027: सरोजिनी नगर विधानसभा का चुनावी गणित, BJP की पकड़, सामाजिक समीकरण और जनता के बड़े मुद्दे