Gorakhpur News: दिवाली का त्योहार खुशियां बांटने और अपनों के साथ खुशियों के पल साझा करने का अवसर है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस पर्व को खास अंदाज में मनाया। रविवार को गोरखपुर में उन्होंने संतों के साथ दिवाली मनाई, वहीं निषाद और दलित समुदाय की बस्तियों में पहुंचकर लोगों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सफाईकर्मियों के साथ समय बिताया और उन्हें दिवाली के उपहार भेंट किए।

सफाईकर्मियों के बीच पहुंचे CM योगी, बांटे दिवाली के उपहार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में निषाद और दलित समुदाय के लोगों की बस्तियों का दौरा किया। यहां उन्होंने सफाईकर्मियों से बातचीत की और उनके साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। सीएम ने कहा कि सुबह उन्हें इन बस्तियों में जाने, सफाईकर्मियों के साथ समय बिताने और उन्हें दिवाली के उपहार देने का अवसर मिला। इसके साथ ही उन्होंने संतों के साथ भी दिवाली मनाई।

वनटांगिया गांवों की बदली तस्वीर का किया जिक्र
गोरखपुर के वनटांगिया गांव में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ साल पहले तक यहां रहने वाले लोगों की स्थिति बेहद खराब थी। उन्हें सड़क, बिजली, पानी, स्कूल और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं थीं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले इन गांवों के लोग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित थे और मतदाता सूची में भी उनका नाम शामिल नहीं था। आज स्थिति बदल चुकी है। वनटांगिया गांवों के लोग मतदाता बन चुके हैं और उन्हें जरूरी सुविधाओं के साथ सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

अंग्रेजों से लेकर सपा सरकार तक पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने वनटांगिया समुदाय की दशकों पुरानी उपेक्षा का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने 14 वर्ष का वनवास बिताया था, लेकिन अंग्रेजों, कांग्रेस और उसके बाद समाजवादी पार्टी की सरकारों ने वनटांगिया समुदाय के लोगों और उनके पूर्वजों को एक सदी से अधिक समय तक जंगलों में कठिन जीवन जीने के लिए छोड़ दिया।

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 56 वनटांगिया गांव ऐसे थे, जिन्हें पूरी तरह उपेक्षित छोड़ दिया गया था। देश को 1947 में आजादी मिल गई, लेकिन इन वनवासी गांवों को वास्तविक आजादी नहीं मिल पाई थी।

25 करोड़ की आबादी हमारा एक परिवार है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के विकास के नजरिये को बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ आबादी उनके लिए एक परिवार की तरह है। इसमें जाति, क्षेत्र, गांव-शहर, अमीर और गरीब का कोई भेदभाव नहीं है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर वर्ग तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। गोरखपुर में दिवाली के मौके पर संतों, सफाईकर्मियों और वंचित समुदायों के बीच मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने त्योहार के सामाजिक सरोकार को भी सामने रखा।

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