New Hathras City: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य में एक और बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) अब ग्रेटर नोएडा और नोएडा के तर्ज पर 'न्यू हाथरस' बसाने की तैयारी में जुट गया है। 4000 हेक्टेयर में फैलने वाले इस नए और आधुनिक शहर की प्रारंभिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट लिमिटेड ने प्राधिकरण को सौंप दी है।
इस रिपोर्ट की सबसे खास बात यह है कि नया शहर मौजूदा हाथरस के एकदम करीब विकसित किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय उद्योगों और कनेक्टिविटी को सीधा फायदा पहुंचेगा।
‘न्यू हाथरस’ प्रोजेक्ट की प्रमुख बातें
कंसल्टिंग एजेंसी ने सर्वे के आधार पर मौजूदा हाथरस शहर के आसपास 2 से 3 प्रमुख स्थानों का सुझाव दिया है। प्राधिकरण जल्द ही इनमें से एक सर्वश्रेष्ठ स्थान पर अंतिम मोहर लगाएगा। पहले चरण में YEIDA के अधिसूचित क्षेत्र में करीब 4,000 हेक्टेयर जमीन पर मास्टर प्लान लागू किया जाएगा। हाथरस जिले के कुल 358 गांव YEIDA के अधिसूचित दायरे में आते हैं।
उद्योगों को नई उड़ान
न्यू हाथरस का मुख्य फोकस कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों पर रहेगा। इससे स्थानीय किसानों, व्यापारियों और हींग व अन्य प्रोसेस्ड उत्पादों से जुड़े पारंपरिक उद्योगों को वैश्विक पहचान और विस्तार मिलेगा। यमुना एक्सप्रेसवे से 45 किलोमीटर के दायरे में स्थित होने के कारण नए शहर को बेहतरीन सड़क और परिवहन नेटवर्क का लाभ मिलेगा।
मास्टर प्लान और आगे का रोडमैप
प्राधिकरण द्वारा चुनी गई साइट को हरी झंडी मिलते ही एजेंसी विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करेगी। मास्टर प्लान में औद्योगिक, आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत सेक्टरों का सटीक खाका तैयार होगा। विश्वस्तरीय सड़कें, चौड़े हरित क्षेत्र, लॉजिस्टिक्स पार्क और लॉजिस्टिक सुविधाएं शहर का मुख्य आकर्षण होंगी।
वहीं इस संबंध में यमुना प्राधिकरण के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने कहा कि फिलहाल आरवी इंजीनियरिंग की ओर से मिली प्रारंभिक रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है। जल्द ही उपयुक्त स्थान का चयन कर विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए जाएंगे। यह नया शहर न केवल हाथरस और आसपास के जिलों के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर खोलेगा, बल्कि यमुना एक्सप्रेसवे रीजन को देश के सबसे बड़े औद्योगिक और आर्थिक हब के रूप में और मजबूती प्रदान करेगा।