Mohan Bhagwat-Iqbal Ansari: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान की बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने खुलकर तारीफ की है। अमेरिका के न्यूयॉर्क में ‘वन वर्ल्ड, वन ह्यूमैनिटी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा था कि अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में कोई मुसलमान नहीं होना चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रह जाएगा। भागवत के इसी बयान पर इकबाल अंसारी ने कहा कि उन्होंने बिल्कुल सही बात कही है।
इकबाल अंसारी ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए सभी लोगों को मिलकर काम करना चाहिए। देश की भलाई, विकास और रोजगार के लिए हिंदू-मुसलमानों को साथ चलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत अपने अनुभव के आधार पर बोल रहे हैं और उनका बयान भाईचारे की भावना को मजबूत करने वाला है।
'देश की भलाई के लिए सभी मिलकर काम करें'
एएनआई से बातचीत में इकबाल अंसारी ने कहा कि देश को आगे बढ़ना चाहिए और इसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत ने देश की प्रगति, विकास और रोजगार पर ध्यान देने की बात कही है, जो सही है।अंसारी के मुताबिक, देश को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो हर वर्ग की चिंता करे और हिंदू-मुसलमानों के बीच एकता को बढ़ावा दे। उन्होंने कहा कि अगर समाज में भाईचारा मजबूत रहेगा तो देश भी तरक्की करेगा।
'हिंदुस्तान हिंदू-मुसलमानों के भाईचारे की भूमि'
इकबाल अंसारी ने कहा कि हिंदुस्तान हिंदू और मुसलमानों के बीच भाईचारे और आपसी स्नेह की भूमि है। अगर दोनों समुदायों के बीच प्रेम और भाईचारा बना रहेगा तो भारत पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाए रखेगा।उन्होंने कहा कि मोहन भागवत को काफी अनुभव है और वह दुनिया के कई हिस्सों में गए हैं। अंसारी ने धर्म और कर्म का जिक्र करते हुए कहा कि धर्म भले अलग हो सकता है, लेकिन कर्म अलग नहीं होना चाहिए। इंसानियत सबसे जरूरी है।
'हमारे लिए राम, हनुमान और अल्लाह सभी सम्मान के पात्र'
अयोध्या के रहने वाले इकबाल अंसारी ने कहा कि वह सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिए भगवान राम हों, हनुमान जी हों या अल्लाह, सभी का सम्मान है।उन्होंने कहा कि देश में रहने वाले हर व्यक्ति को एक-दूसरे के धर्म का सम्मान करना चाहिए। सभी लोग अगर भाईचारे और देश की तरक्की की बात करेंगे तो इससे देश आगे बढ़ेगा।
मोहन भागवत ने अमेरिका में क्या कहा था?
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं। शनिवार को न्यूयॉर्क में ‘वन वर्ल्ड, वन ह्यूमैनिटी’ कार्यक्रम में उन्होंने हिंदू धर्म और भारत की विविधता पर बात की।उन्होंने कहा कि अगर कोई हिंदू यह मानता है कि भारत में कोई मुसलमान नहीं होना चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रह जाएगा। उनके इस बयान को लेकर भारत में भी चर्चा हो रही है और इसी के बाद इकबाल अंसारी ने इसका समर्थन किया है।
दादरी विमान हादसे का भी किया जिक्र
न्यूयॉर्क में अपने संबोधन के दौरान मोहन भागवत ने हरियाणा के दादरी में हुए विमान हादसे का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि दो विमान आपस में टकरा गए थे और उनमें ज्यादातर यात्री मुस्लिम थे। हादसे के बाद आरएसएस के स्वयंसेवक वहां पहुंचे और राहत-बचाव के काम में जुट गए।भागवत ने कहा कि आरएसएस को समझने के लिए उसके कामों को करीब से देखना होगा। उन्होंने इस उदाहरण के जरिए संगठन के सेवा कार्यों का भी उल्लेख किया।