Pakistan Balochistan Protest: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, आतंकवाद, बढ़ती पेट्रोल कीमतों और ईरान-अफगानिस्तान सीमा क्रॉसिंग बंद होने के विरोध में जमात-ए-इस्लामी (JI) ने गवर्नर हाउस के पास विरोध प्रदर्शन किया। कड़ी सुरक्षा के बीच पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने धरना देकर सरकार से जनसमस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल लोग पार्टी के झंडे, बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे। इनमें बलूचिस्तान जमात-ए-इस्लामी के अमीर और प्रांतीय विधायक मौलाना हिदायतुर रहमान बलोच समेत कई नेता शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदेश में लगातार बढ़ रही समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।

'बलूचिस्तान की स्थिति बेहद गंभीर'
धरने को संबोधित करते हुए मौलाना हिदायतुर रहमान बलोच ने दावा किया कि बलूचिस्तान में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की स्थिति गंभीर होती जा रही है। उन्होंने राजनीतिक और कबायली नेतृत्व पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में हिंसा, असुरक्षा और आर्थिक परेशानियां बढ़ने के बावजूद प्रभावशाली वर्ग पर्याप्त रूप से आवाज नहीं उठा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक और कबायली प्रभावशाली वर्ग सत्ता प्रतिष्ठान के संरक्षण में काम कर रहा है और प्रदेश की बिगड़ती स्थिति पर प्रभावी कदम नहीं उठा रहा।

महंगाई और पेट्रोल की कीमतों पर भी सरकार को घेरा
जमात-ए-इस्लामी नेता ने कानून-व्यवस्था की समस्या को सामाजिक और आर्थिक असमानता से भी जोड़ते हुए कहा कि भ्रष्टाचार, अन्याय और असुरक्षा के कारण अमीर और गरीब के बीच की खाई बढ़ रही है। उन्होंने पेट्रोल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी पर भी सवाल उठाया और कहा कि बढ़ती ईंधन कीमतों का बोझ पहले से आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे आम परिवारों पर पड़ रहा है।

आवाजाही, रोजगार और व्यापार पर प्रतिबंध का आरोप
मौलाना हिदायतुर रहमान ने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान के लोगों को आवाजाही, रोजगार, व्यापार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन की आलोचना करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का खतरा बना रहता है। उन्होंने संसद, राजनीतिक दलों, मीडिया, न्यायपालिका और नौकरशाही की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि ये संस्थाएं स्वतंत्र रूप से अपनी जिम्मेदारियां निभाने में सक्षम नहीं हैं।

प्रदर्शन के दौरान जमात-ए-इस्लामी ने बलूचिस्तान में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति, आर्थिक संकट और आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार से तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की मांग की। 

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