Sambhal Industrial Corridor: गंगा एक्सप्रेस-वे के समीप विकसित होने वाले औद्योगिक गलियारे को अब नई रफ्तार मिलने जा रही है। संभल में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना के द्वितीय चरण के लिए 329.7885 हेक्टेयर भूमि किसानों से आपसी सहमति के आधार पर खरीदी जाएगी। मंडलायुक्त ने भूमि खरीद की दरों और परियोजना के लिए प्रस्तावित कुल धनराशि के कार्यवृत्त को मंजूरी दे दी है। भूमि खरीद पर कुल 640 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। मंजूरी मिलने के बाद औद्योगिक गलियारे के दूसरे चरण को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

602 करोड़ में खरीदी जाएगी किसानों की जमीन
जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल द्वारा जारी वर्तमान सर्किल रेट सूची के अनुसार किसानों से आपसी समझौते के आधार पर जमीन खरीदी जाएगी। यह सर्किल रेट सूची एक अगस्त 2025 से प्रभावी है। इसके अनुसार 329.7885 हेक्टेयर भूमि की खरीद के लिए 602 करोड़ 14 लाख 58 हजार 720 रुपये निर्धारित किए गए हैं। भूमि के अलावा परियोजना में मौजूद परिसंपत्तियों के मूल्य, स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क को भी कुल लागत में शामिल किया गया है।

640 करोड़ से अधिक होगी कुल लागत
भूमि खरीद के साथ अन्य मदों को जोड़ने पर परियोजना के लिए कुल अनुमानित धनराशि 640 करोड़ 41 लाख 65 हजार 864 रुपये होगी। परियोजना में परिसंपत्तियों के मूल्य के रूप में 2 करोड़ 3 लाख 68 हजार 604 रुपये शामिल किए गए हैं। वहीं स्टांप शुल्क पर 30 करोड़ 19 लाख 12 हजार 800 रुपये और निबंधन शुल्क के रूप में 6 करोड़ 4 लाख 27 हजार 740 रुपये खर्च होने का अनुमान है।

समिति की बैठक के प्रस्ताव को मिली मंजूरी
जिला स्तर पर मध्यम एवं वृहद परियोजनाओं की समिति की 27 जुलाई 2026 को बैठक हुई थी। बैठक में भूमि खरीद की दर और कुल प्रस्तावित धनराशि से जुड़े कार्यवृत्त को मंजूरी के लिए भेजा गया था। मंडलायुक्त ने अब इस कार्यवृत्त को अनुमोदित कर दिया है। इसके साथ ही गंगा एक्सप्रेस-वे के समीप प्रस्तावित औद्योगिक गलियारा परियोजना के द्वितीय चरण के लिए भूमि खरीद का रास्ता साफ हो गया है। परियोजना के दूसरे चरण को मंजूरी मिलने से संभल में औद्योगिक विकास की संभावनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है। औद्योगिक गलियारे के विकसित होने से भविष्य में क्षेत्र में निवेश, उद्योगों की स्थापना और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। 

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