अयोध्या: राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या के विकास और मंदिर के चढ़ावे को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अब ‘रामधन’ की चोरी नहीं होगी। अखिलेश ने आरोप लगाया कि अयोध्या में गरीब लोगों की जमीन ठगी जा रही है और शहर का विकास विश्वस्तरीय तरीके से नहीं किया गया। अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जब नई चीजें होती हैं तो क्या हम पुरानी बातों को भूल जाते हैं? हमें किसी से शिकायत नहीं है, लेकिन जिस तरह चढ़ावे की चोरी हुई, उसमें आपने सामान्य कर्मचारियों को जेल भेज दिया, लेकिन बड़े नामों को बचा लिया। उम्मीद है कि अब रामधन की चोरी नहीं होगी।

उन्होंने अयोध्या में जमीन से जुड़े मामलों को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। अखिलेश ने कहा कि अयोध्या का विकास एक विश्वस्तरीय शहर के रूप में किया जाना चाहिए था, लेकिन बीजेपी के लोगों के मन में इतनी लालच थी कि गरीबों की जमीन तक ठगी जा रही है।

राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक
इधर, बुधवार को अयोध्या के श्री मणिरामदास छावनी में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक शुरू हुई। बैठक में राम जन्मभूमि मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति पर चर्चा और फैसला होना है। बैठक में ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेन्द्र दास महाराज, महंत कमल नयन दास और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज समेत कई पदाधिकारी पहुंचे। ट्रस्ट की बैठक में CEO के चयन के लिए गठित सर्च कमेटी की रिपोर्ट पर चर्चा के बाद अंतिम नाम पर मुहर लगने की उम्मीद है।

5 हजार से ज्यादा आवेदकों में से हुआ चयन
राम मंदिर के पहले CEO के चयन के लिए गठित सर्च कमेटी ने मंगलवार को अपनी अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी थी। CEO पद के लिए 5 हजार से अधिक लोगों ने आवेदन किया था। सर्च कमेटी ने आवेदनों की स्क्रीनिंग और चयन प्रक्रिया के बाद योग्य उम्मीदवारों के नामों का पैनल तैयार किया। रिपोर्ट सौंपे जाने के दौरान ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज, महंत दिनेन्द्र दास, कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन और अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने तैयार की रिपोर्ट
पहले CEO के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी, पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हावड़े और पूर्व न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली शामिल थे। अब ट्रस्ट की बैठक में सर्च कमेटी की रिपोर्ट पर विचार के बाद राम मंदिर के पहले CEO के नाम पर अंतिम फैसला किया जाना है। 

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