नई दिल्ली: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में एक बार फिर बड़े बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। बीजेपी संगठन में हुए हालिया बदलाव के बाद अब मोदी कैबिनेट में भी फेरबदल की अटकलें लगाई जा रही हैं। चर्चा है कि कुछ मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं, जबकि कई नए चेहरों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।

सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक, संभावित फेरबदल में 15 से 17 नए चेहरों को जगह मिल सकती है। इसके अलावा कुछ मौजूदा मंत्रियों को उनके कामकाज के आधार पर नई जिम्मेदारी दिए जाने की भी संभावना है।

अश्विनी वैष्णव की बढ़ेंगी जिम्मेदारियां, मिलेगा प्रमोशन
इस संभावित फेरबदल में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का नाम खास तौर पर चर्चा में है। फिलहाल उनके पास रेलवे, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी और सूचना एवं प्रसारण जैसे अहम मंत्रालय हैं। लेकिन चर्चा है कि सरकार में उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें और बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। उन्हें कैबिनेट के प्रमुख चेहरों में और मजबूत भूमिका मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, उनके मौजूदा मंत्रालयों में से कुछ जिम्मेदारियां दूसरे नेताओं को दिए जाने की संभावना भी है।

नितिन गडकरी के विभाग में भी होंगे बदलाव
हालांकि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। सबसे ज्यादा चर्चा उनके मंत्रालय में बदलाव को लेकर है। हालांकि, अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक संकेत नहीं है कि गडकरी मंत्रिमंडल से बाहर होंगे। ऐसे में संभावित फेरबदल में उन्हें कोई नई जिम्मेदारी दी जाती है या उनके मौजूदा मंत्रालय में ही बदलाव होता है, यह देखने वाली बात होगी।

17 नए नेताओं की हो सकती है एंट्री
मोदी सरकार के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में नए चेहरों को बड़ी संख्या में जगह मिलने की चर्चा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि 15 से 17 नेताओं को मंत्री बनाया जा सकता है। इनमें युवा नेताओं के अलावा महिलाओं और अलग-अलग राज्यों एवं सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने पर भी जोर हो सकता है। बीजेपी के सहयोगी दलों के नेताओं को भी सरकार में जिम्मेदारी मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

कई मंत्रियों के विभागों का होगा पुनर्वितरण?
कैबिनेट में बदलाव सिर्फ नए मंत्रियों की एंट्री तक सीमित नहीं रह सकता। जिन मंत्रियों के पास एक से ज्यादा मंत्रालय हैं, उनके विभागों का भी बंटवारा किए जाने की संभावना है। इससे सरकार में कई मंत्रालयों की जिम्मेदारियां नए सिरे से तय हो सकती हैं और कुछ नेताओं को पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण विभाग मिल सकते हैं।

2027 के चुनावों पर भी नजर
संभावित फेरबदल को आगामी विधानसभा चुनावों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। बीजेपी की नजर 2027 में होने वाले महत्वपूर्ण राज्यों के विधानसभा चुनावों पर है। इसके साथ ही 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारियां भी धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। ऐसे में कैबिनेट में नए चेहरों को शामिल करते समय क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक समीकरण, महिला प्रतिनिधित्व और युवा नेतृत्व जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जा सकता है।

अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल मोदी कैबिनेट में फेरबदल को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक तारीख या मंत्रियों की सूची जारी नहीं की गई है। सितंबर या अक्टूबर में बदलाव की चर्चा जरूर है, लेकिन जब तक सरकार की तरफ से घोषणा नहीं होती, तब तक इन नामों और संभावित बदलावों को केवल राजनीतिक अटकलों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

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