Haryana New Namo City: हरियाणा में गुरुग्राम की तर्ज पर एक नया आधुनिक शहर विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। यह नमो सिटी कुंडली-मानेसर-पलवल यानी KMP एक्सप्रेसवे के किनारे करीब 9 हजार एकड़ जमीन में बसाई जाएगी। पहले इस शहर के लिए 5 हजार एकड़ जमीन का प्रस्ताव था, जिसे अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बढ़ाकर 9 हजार एकड़ करने का फैसला किया है।

यह शहर दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक का दबाव कम करने और व्यापार, उद्योग, लॉजिस्टिक्स व आवासीय जरूरतों को एक जगह विकसित करने की योजना का हिस्सा है। सरकार ने प्रस्तावित क्षेत्र में जमीनों की मैपिंग और चिन्हांकन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है।

NCR के चार राज्यों में बननी हैं नमो सिटी

नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड यानी NCRPB ने रीजनल प्लान 2041 के तहत दिल्ली-एनसीआर से जुड़े चार राज्यों में एक-एक नमो सिटी विकसित करने का फैसला किया था। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान शामिल हैं।हरियाणा में प्रस्तावित नमो सिटी को ग्रीनफील्ड टाउनशिप के रूप में विकसित किया जाएगा। ग्रीनफील्ड सिटी का मतलब ऐसी नई टाउनशिप से है, जिसे पहले से बसे शहर के विस्तार के बजाय नए सिरे से योजनाबद्ध तरीके से बसाया जाता है।इस शहर में कॉरपोरेट ऑफिस, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स पार्क, व्यापारिक केंद्र, आवासीय सोसायटियां और वॉक-टू-वर्क जैसी सुविधाएं विकसित किए जाने की योजना है। इसका उद्देश्य उद्योगों और लोगों को बेहतर सड़क संपर्क के साथ एक आधुनिक शहरी ढांचा उपलब्ध कराना है।

KMP एक्सप्रेसवे होगा नमो सिटी की मुख्य कड़ी

प्रस्तावित नमो सिटी की सबसे बड़ी ताकत KMP एक्सप्रेसवे होगा। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे को वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे भी कहा जाता है। करीब 136 किलोमीटर लंबा यह छह लेन का एक्सप्रेसवे दिल्ली को पश्चिमी दिशा से घेरते हुए हरियाणा के कई प्रमुख औद्योगिक और आबादी वाले इलाकों को जोड़ता है।सरकार जमीन अधिग्रहण या लैंड पूलिंग पॉलिसी के जरिए इस परियोजना के लिए जमीन जुटाने की तैयारी कर सकती है। KMP कॉरिडोर के आसपास पहले से ही जमीनों की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। ऐसे में स्थानीय किसान जमीन के बदले बेहतर मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

दिल्ली के व्यापारिक संगठनों के साथ बैठक

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इससे पहले दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक संगठनों के साथ बैठक कर चांदनी चौक, सदर बाजार और खारी बावली जैसे थोक बाजारों के कारोबारियों को हरियाणा में कारोबार शिफ्ट करने का न्योता दिया था। सरकार की ओर से कारोबारियों को हाईवे कनेक्टिविटी, सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और दूसरी रियायतें देने की बात कही गई थी।

दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद तक सीधा संपर्क

नमो सिटी को एनसीआर के कई बड़े शहरों से जोड़ने के लिए पहले से मौजूद और निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे अहम भूमिका निभाएंगे। प्रमुख कनेक्टिविटी इस प्रकार होगी-

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे

KMP एक्सप्रेसवे सोहना के पास खलीलपुर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ता है। इससे नमो सिटी को जयपुर, मुंबई, वडोदरा और इंदौर जैसे शहरों तक तेज सड़क संपर्क मिल सकेगा।

DND-फरीदाबाद-KMP एक्सप्रेसवे

करीब 59 किलोमीटर लंबा DND-फरीदाबाद-KMP एक्सप्रेसवे दिल्ली के महारानी बाग क्षेत्र को फरीदाबाद बाईपास और KMP एक्सप्रेसवे से जोड़ता है। इससे दिल्ली और फरीदाबाद की ओर से नमो सिटी तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।

दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे

दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे KMP के उत्तरी हिस्से से जुड़ता है। इसके जरिए नमो सिटी की कनेक्टिविटी पंजाब और जम्मू-कश्मीर की ओर भी बेहतर हो सकती है।

फरीदाबाद-जेवर एयरपोर्ट एक्सप्रेसवे

फरीदाबाद-जेवर एयरपोर्ट एक्सप्रेसवे KMP और DND एक्सप्रेसवे के जंक्शन क्षेत्र से उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा एयरपोर्ट को जोड़ेगा। करीब 31 किलोमीटर लंबे इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से नमो सिटी और जेवर एयरपोर्ट के बीच यात्रा का समय कम होने की संभावना है।

गुरुग्राम, मानेसर और सोहना से जुड़ेगा नया शहर

नमो सिटी को गुरुग्राम, मानेसर, सोहना, फरीदाबाद और बल्लभगढ़ जैसे प्रमुख औद्योगिक व आवासीय क्षेत्रों से जोड़ा जाएगा। KMP एक्सप्रेसवे के जरिए गुरुग्राम और न्यू गुरुग्राम के आईटी तथा कॉरपोरेट हब तक पहुंच आसान हो सकती है।

मानेसर पहले से ही ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग उद्योग का बड़ा केंद्र है। वहीं सोहना क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े क्लस्टर विकसित हो रहे हैं। फरीदाबाद और बल्लभगढ़ भी DND-KMP एक्सप्रेसवे के माध्यम से इस नए शहर से जुड़ेंगे।इसके अलावा दिल्ली के ओखला, कालिंदी कुंज और सराय काले खां जैसे इलाकों से भी एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए नमो सिटी तक पहुंच बनाने की योजना है। KMP के उत्तरी हिस्से से सोनीपत, कुंडली और बहादुरगढ़ की कनेक्टिविटी भी महत्वपूर्ण होगी।

हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर से भी मिलेगा फायदा

नमो सिटी को सड़क के साथ-साथ रेल कनेक्टिविटी का भी लाभ मिल सकता है। KMP एक्सप्रेसवे के समानांतर हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। करीब 121 किलोमीटर लंबा यह रेल कॉरिडोर पलवल से सोनीपत तक कनेक्टिविटी देगा।इस रेल लाइन पर यात्रियों के साथ मालगाड़ियों की आवाजाही की सुविधा भी विकसित की जा रही है। इससे नमो सिटी के आसपास औद्योगिक इकाइयों, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स कारोबार को फायदा मिलने की उम्मीद है।