अयोध्या: अयोध्या में दीपोत्सव 2026 को भव्य बनाने की तैयारी है। इस बार दीपोत्सव में भगवान श्रीराम की कथा का अंतरराष्ट्रीय रंग देखने को मिलेगा। आयोजन में 5 देशों की रामलीला मंडलियां हिस्सा लेंगी। वहीं, शहर के 12 अलग-अलग मंचों पर करीब 2500 कलाकार रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मंचन करेंगे।
इस आयोजन के जरिए अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान देने की कोशिश की जा रही है। अलग-अलग देशों में प्रचलित रामलीला की परंपराएं, उनकी प्रस्तुति शैली, वेशभूषा और संगीत दर्शकों के लिए खास आकर्षण होंगे।
दीपोत्सव की खास बातें
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12 मंचों पर सजेगी रामकथा
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या के अलग-अलग स्थानों पर बनाए गए 12 मंचों पर रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। इसमें भगवान राम के जन्म से लेकर वनवास, सीता हरण, लंका विजय और अयोध्या वापसी तक की कथाओं को अलग-अलग अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। बड़ी संख्या में कलाकारों की भागीदारी से पूरा आयोजन भव्य सांस्कृतिक उत्सव का रूप लेगा।
5 देशों की रामलीला होगी खास आकर्षण
इस बार दीपोत्सव में पांच देशों की रामलीला मंडलियों की भागीदारी इसे खास बनाएगी। अलग-अलग देशों में रामायण की कथा को स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के अनुसार प्रस्तुत किया जाता है। ऐसे में दर्शकों को एक ही स्थान पर रामकथा की अलग-अलग शैलियां देखने का अवसर मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय पहचान को मिलेगा बढ़ावा
अयोध्या का दीपोत्सव हर साल देश-विदेश के लोगों के आकर्षण का केंद्र बनता है। इस बार 2500 कलाकारों और पांच देशों की रामलीला मंडलियों की भागीदारी से आयोजन को और व्यापक बनाने की तैयारी है। इससे न केवल अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि दुनिया के अलग-अलग देशों में प्रचलित रामायण परंपराओं को भी एक मंच मिलेगा।
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