Ballia-Mau four-lane highway: पूर्वांचल के लोगों के लिए सड़क कनेक्टिविटी के लिहाज से बड़ी राहत की खबर है। फेफना-मऊ राष्ट्रीय राजमार्ग-128बी को 56 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग में बदलने की तैयारी तेज हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप दिया जा रहा है। फोरलेन बनने के बाद न केवल बलिया और मऊ के बीच सफर आसान होगा, बल्कि यह मार्ग ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन से जुड़कर पूर्वांचल और बिहार की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा।

संकरे हाईवे और जाम से मिलेगी राहत
वर्तमान में NH-128B पर वाहनों का भारी दबाव रहता है। मऊ, आजमगढ़ और बिहार को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग होने के कारण दिन-रात बड़ी संख्या में भारी वाहन यहां से गुजरते हैं। सड़क की सीमित चौड़ाई और बढ़ते यातायात के चलते फेफना समेत कई इलाकों में जाम की समस्या बनी रहती है। फोरलेन बनने के बाद वाहनों की आवाजाही सुगम होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होने की उम्मीद है। लोगों को रोजाना के जाम और रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले लंबे इंतजार से भी राहत मिलेगी।

रसड़ा और रतनपुरा में बनेंगे बाईपास
परियोजना में यातायात को और सुगम बनाने के लिए रसड़ा और रतनपुरा में बाईपास का प्रावधान किया गया है। बाईपास बनने से भारी वाहनों को कस्बों के अंदर से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। इससे स्थानीय बाजारों और आबादी वाले इलाकों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। इसके अलावा प्रमुख रेलवे क्रॉसिंगों पर तीन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) बनाए जाएंगे। फेफना, गढ़िया, पकवाईनार, रतनपुरा और हलधरपुर जैसे प्रमुख क्रॉसिंग वाले क्षेत्रों में रेलवे फाटक के कारण होने वाली परेशानी को कम करने की योजना है।

73 राजस्व गांवों से होकर गुजरेगा फोरलेन
प्रस्तावित फोरलेन मार्ग बलिया के 33 और मऊ के 40, यानी कुल 73 राजस्व गांवों से होकर गुजरेगा। सड़क निर्माण के बाद इन ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ स्थानीय स्तर पर व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। परियोजना के लिए वायंटस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड की ओर से DPR तैयार की जा रही है। NHAI गाजीपुर के परियोजना निदेशक इंजीनियर अजय सिंह के अनुसार, DPR का काम अंतिम चरण में है। इसके पूरा होने के बाद सड़क निर्माण के लिए जरूरी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा हाईवे
बलिया-मऊ फोरलेन की सबसे बड़ी खासियत इसका व्यापक हाईवे नेटवर्क से जुड़ाव होगा। यह मार्ग बलिया में बन रहे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और मऊ में वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन से कनेक्ट होगा। इससे वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, बलिया और बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। माल ढुलाई आसान होने से पूर्वांचल के कारोबार को भी गति मिलने की उम्मीद है।

फेफना-मऊ के बीच बनेगा टोल प्लाजा
परियोजना के तहत फेफना और मऊ के बीच एक आधुनिक सुविधाओं से लैस टोल प्लाजा बनाने की भी योजना है। इसके लिए सर्वे का काम पूरा किया जा चुका है। फोरलेन के निर्माण से बलिया-मऊ के बीच सफर आसान होने के साथ पूर्वांचल के हाईवे नेटवर्क को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से यात्रियों के समय की बचत होगी और क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को भी रफ्तार मिल सकती है।

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