Ajay Rai on Ram Mandir New CEO: भगवान रामलला मंदिर ट्रस्ट में नए CEO की नियुक्ति को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने भाजपा और RSS पर तीखा हमला बोला है। अजय राय ने कहा कि नए CEO की नियुक्ति अपने आप में सवाल नहीं है, बल्कि असली सवाल भगवान रामलला के मंदिर में आने वाले चढ़ावे और चंदे के कथित दुरुपयोग और उसकी जांच का है।

अजय राय ने आरोप लगाया कि मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े चढ़ावे को लेकर उठे सवालों पर अब तक स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार और RSS को कथित चंदे की लूट के आरोपों पर जवाब देना चाहिए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल किया कि नए CEO की नियुक्ति के बाद पूर्व में सामने आए आरोपों पर क्या कार्रवाई होगी और कथित धनराशि की वसूली या रिकवरी कैसे सुनिश्चित की जाएगी।

मोदी और RSS से जवाब की मांग

अजय राय ने कहा कि यदि नए CEO की नियुक्ति की जा रही है तो मंदिर ट्रस्ट के कामकाज में पारदर्शिता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावे और चंदे से जुड़े गंभीर सवालों से ध्यान भटकाने के लिए CEO की नियुक्ति को मुद्दा बनाया जा रहा है।

ये भी पढ़ें: Lollapalooza India 2027: ओलिविया डीन और लिम्प बिजकिट होंगे हेडलाइनर

https://tnpnews.in/entertainment/lollapalooza-india-announced-its-lineup-for-the-2027-edition-17017

उन्होंने दावा किया कि मंदिर ट्रस्ट में चंपत राय बंसल, अनिल मिश्रा समेत कई लोगों को शामिल किया गया और भाजपा तथा RSS ने उन्हें संरक्षण दिया। अजय राय ने SIT जांच का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

शंकराचार्यों की राय से निर्णय लेने की मांग

कांग्रेस नेता ने कहा कि भगवान रामलला का मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सनातन धर्म से जुड़ा विषय है। उनके मुताबिक ट्रस्ट के महत्वपूर्ण निर्णय सनातन धर्म के शीर्षस्थ शंकराचार्यों की राय के अनुरूप होने चाहिए।

अजय राय ने कहा कि ट्रस्ट में पारदर्शिता, शुचिता और जवाबदेही सुनिश्चित होने पर ही करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रह सकता है। उन्होंने भाजपा और RSS से मंदिर के चढ़ावे तथा चंदे से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।

Reported By: एम अतहर उद्दीन मुन्ने भारती