डिब्रूगढ़: असम के तेंगाखाट स्थित ऑयल इंडिया के तेल भंडारों में आग लगने की घटना के बाद केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग (MoPSW) मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने Oil India के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) से फोन पर बातचीत कर घटना की जानकारी ली। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हादसे में घायल हुए लोगों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने घायलों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने और उनकी देखभाल को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
हादसे में 7 कर्मचारी झुलस गए और 6 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया
दरअसल, यह घटना 6 नवंबर की सुबह करीब 9:05 बजे हुई थी। Oil India के अनुसार, मेंटेनेंस कार्य के दौरान (IDBH) में आग लगी। हादसे में 7 कर्मचारी झुलस गए थे। 6 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। जबकि इस दौरान एक कर्मचारी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इसके बाद आग पर दोपहर 12:30 बजे तक काबू पा लिया गया था। कंपनी ने घटना की जांच के लिए आंतरिक समिति भी गठित की है।
सांसद सोनोवाल ने जान गंवाने वालों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग की
इससे संबंधित बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या बढ़कर दो बताई गई है और पांच घायलों की हालत गंभीर बताई गई है। घटना के बाद संबंधित अधिकारियों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। डिब्रूगढ़ LSC से लोकसभा सांसद ने घटना में जान गंवाने वालों के परिवारों के लिए उचित मुआवजे की भी मांग की। सोनोवाल ने आग का सही कारण स्थापित करने और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को सामने लाने के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा एक उच्च-स्तरीय जांच की भी वकालत की।